सर्दी से बचाव के लिए ऊनी जैकट पहनकर गंतव्य को जाती महिलाएं।।
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कड़ाके की ठंड में जिंदगी ठहरी
मुजफ्फरनगर। कड़ाके की सर्दी का सितम लगातार जारी है। शीतलहर चलने और कोहरे के कारण जिंदगी ठहर गई है। ठंड का असर दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान में आधा डिग्री की और गिरावट दर्ज की गई। सर्दी के प्रकोप से लोग कांप उठे। दोपहर में हल्की धूप निकली, लेकिन ठंड के सामने यह बेअसर रही। कोहरे के कारण ट्रेनों और बसों के रफ्तार पर भी लगाम लग गया है। यात्रियों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
पूरा जिला कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। लोगों को इस सर्दी से निजात मिलती नहीं दिख रही है। बीते कई दिनों से तापमान काफी नीचे चल रहा है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान में बुधवार के मुकाबले 0.5 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है। न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री रहा। सुबह घने कोहरे एवं ठंडी हवा के चलते लोग परेशान रहे। स्कूलों में अवकाश चल रहा है। इसलिए लोगों की दिनचर्या देरी से शुरू होती है और शाम को फिर ठंड बढ़ जाने से जल्दी ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। बृहस्पतिवार को दोपहर में हल्की धूप निकली, लेकिन ठंडी हवा के सामने यह बेअसर रही। मौसम के मिजाज को देखते हुए अभी सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही।
सुबह घूमने नहीं निकल रहे लोग
मुजफ्फरनगर। कड़ाके की सर्दी के चलते लोग सुबह घूमने नहीं निकल रहे हैं। चिकित्सक भी बढ़ी हुई सर्दी में लोगों को घरों से बाहर निकलने की सलाह नहीं दे रहे। सर्दी के कारण श्वांस एवं हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है। फिजिशियन डा. लोकेश गुप्ता का कहना है कि बुजुर्गों और बच्चों के लिए सर्दी काफी नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए जहां तक संभव हो घनी सर्दी में घरों से बाहर निकलने से बचें।