मुजफ्फरनगर में कड़ाके की सर्दी के बीच स्कूल जाते बच्चे।
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शीतलहर के चलते लोग दिन में भी ठिठुर रहे हैं। न्यूनतम तापमान लगातार जमाव बिंदू के पास चल रहा है। शुक्रवार को जिले का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान भी 20.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। ठंड बढ़ने के कारण सड़कों पर दुपहिया वाहनों की संख्या घट गई है। जिले में दो दिन से न्यूनतम तापमान जमाव बिंदू के पास चल रहा है। शीतलहर के साथ लगातार बढ़ रही ठंड से आम जनमानस पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात यह है कि लोग दिन में भी ठंड में कंपकंपा रहे हैं।
ठंड में सुबह के समय सड़कों पर आवागमन बहुत ही कम हो गया है। शाम को भी यही स्थिति है। रात्रि में तो आलम यह है कि सड़के सुनसान हो रही है। दिन में भी असर दिखाई दे रहा है। ठंड के चलते सड़कों पर दुपहिया वाहनों की संख्या आधी रह गई है। लोग मजबूरी में ही वाहन निकाल रहे हैं। बाजारों में दिन में गर्म कपड़ों, बादाम, चिलगोजा आदि मेवों की बिक्री बढ़ी है। चौराहों पर रात में ड्यूटी देने वाले पुलिस कर्मियों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
आठ साल बाद पड़ी इतनी ठंड
मुजफ्फरनगर। जिले में 22 दिसंबर से पहले इतनी अधिक ठंड वर्ष 2010 में पड़ी थी। 15 दिसंबर 2010 में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था। 2011 में 24 दिसंबर को 0.6 डिग्री पर तापमान पहुंचा। 2012 में 28 दिसंबर को सबसे कम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस रहा। 2013 में 30 दिसंबर को सबसे कम 0.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
2014 में सबसे कम 11 दिसंबर को 1.3 डिग्री तापमान रहा। 2015 में 16 दिसंबर को 1.2 डिग्री सेल्सियस सबसे कम रहा। 2016 में दिसंबर माह में न्यूनतम तापमान सबसे कम 22 दिसंबर को 4.6 रहा। 2017 में 24 दिसंबर में सबसे कम तापमान 3.1 रहा। 2018 में अब तक 20 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस रहा।