‘अभी पत्रावलियां हटवाई हैं, फिर कोर्ट बदलवा देंगे’
फैसले में न्यायाधीश ने एक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कथित माफिया/गैंगस्टर के माध्यम से धमकी भरा संदेश मिलने का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें यह संदेश दिया गया कि अभी केवल पत्रावलियां हटवाई गई हैं और यदि उनके पीछे पड़े या टिप्पणी की तो प्रभाव का इस्तेमाल कर कोर्ट बदलवा दिया जाएगा या जिले से बाहर ट्रांसफर करा दिया जाएगा।
जज ने फैसले में लिखा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ बड़े माफिया और बाहुबली जातीय और राजनीतिक संरक्षण का लाभ उठाते हैं तथा उनका नेटवर्क काफी ऊपर तक फैला हुआ है।
‘व्यवहार से बहुत आहत हूं, लेकिन इस समय बोलना ठीक नहीं’
फैसले में रवि कुमार दिवाकर ने अपने साथ हुए कथित व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि वर्तमान समय में कुछ व्यवहार से वह बहुत आहत और दुखी हैं। उनके अनुसार ऐसा व्यवहार माफिया, गैंगस्टर और अपराधियों को बचाने के उद्देश्य से किया गया।
जज ने लिखा कि उन्हें इसकी पूरी जानकारी है कि ऐसा क्यों हुआ, लेकिन पद की मर्यादा के कारण इस समय इस संबंध में विस्तार से बोलना उचित नहीं होगा।