जौला गांव में खेती कर रहा अशफाक
जौला गांव के अशफाक की मुलाकात वारिस से कांधला में एक परिचित के मकान पर हुई थी। बाद में वारिस जौला भी आने जाने लगा। इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया और अशफाक को भी आरोपी बनाया गया। अशफाक अपने गांव में इन दिनों खेती कर रहा है। मुकदमे में कांधला के गय्यूर अली, सरदार अली और मुस्तकीम भी आरोपी बनाए गए थे।
गिरफ्तारी के दौरान वारिस ने नाम बताया था असद
पुलिस ने जांच रिपोर्ट में लिखा था कि अशफाक के पास बैठे वारिस को पकड़ा तो पहले उसने खुद को जौला का ही असद बताया था। लेकिन पूछताछ के बाद साफ हुआ कि वह पाकिस्तानी नागरिक है।
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जेल से रिहा होकर पुलिस की निगरानी में वारिस
19 साल जेल में बिताने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर वारिस रिहा हुआ तो पाकिस्तान ने उसे अपना नागरिक मानने से इंकार कर दिया था। तब से वह शामली पुलिस की निगरानी में है। बताया जा रहा है कि उसे अलग-अलग थानों में रखा जाता है। फिलहाल उसके थाना बाबरी में होने की चर्चा है, लेकिन अधिकृत तौर पर इसकी कोई पुष्टि करने को तैयार नहीं है। एएसपी ओपी सिंह का कहना है कि थाने में कोई पाकिस्तानी नागरिक पुलिस की अभिरक्षा में है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। डीएम जसजीत कौर का कहना है कि मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। न ही इस मामले में कोई पत्राचार मेरे द्वारा किया गया है।