विद्युतकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया
मुजफ्फरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनरतले जिलेभर के विद्युत कर्मचारियों और अधिकारियों ने कार्य बहिष्कार कर टाउन हाल में धरना दिया। विद्युतकर्मियों ने आरोप लगाया कि जीपीएफ और सीपीएफ का पैसा नियम विरुद्ध निवेश कर उनकी कमाई डूबो दी गई है। इससे सभी विद्युतकर्मी तनाव में हैं।
विद्युतकर्मियों ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने ट्रस्ट एवं भविष्य निधि की 99 प्रतिशत से अधिक धनराशि नियम विरुद्ध गलत ढंग से केवल तीन हाउसिंग कंपनियों में निवेश की गई है। 65 प्रतिशत धनराशि केवल डीएचएफएल में निवेश कर दी गई। इस मामले में प्रदेश सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे, एक गजट नोटिफिकेशन जारी कर यह सुनिश्चित करे कि ट्रस्ट एवं अंशदायी भविष्य निधि के भुगतान की जिम्मेदारी सरकार ले रही है। इससे पहले 2000 में भी सरकार ने इसी प्रकार जिम्मेदारी ली थी। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन जो ट्रस्ट के भी चेयरमैन है को तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए। विद्युतकर्मियों की हड़ताल से कैश काउंटर और कार्यालय तक बंद रहे। टाउन हाल में धरना प्रदर्शन में अधीक्षण अभियंता आरडी सिंह, एसके गुप्ता, अधिशासी अभियंता पंकज कुमार, राजेश कुमार, अजय कैम, भुवनराज सिंह, सचिन कुमार शर्मा, अजय यादव, आईपी सिंह, अंकित कुमार, रामनिवास त्यागी, बिजेंद्र चौधरी, गौरव कौशिक, अमित मलिक, संजय गर्ग, अभिनव गोयल आदि रहे।
टिकैत ने मोबाइल से धरना संबोधित किया
मुजफ्फरनगर। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने विद्युत कर्मियों के धरने को मोबाइल से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार दूर करने को सत्ता में आई थी, लेकिन आए दिन भ्रष्टाचार की खबरें मिल रही हैं। लगता यह बढ़ गया है। 26 अरब के जीपीएफ, सीपीएफ घोटाले के विरोध में भाकियू विद्युतकर्मियों के साथ है। चौधरी टिकैत ने सीएम योगी आदित्यनाथ से इस घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। सरकार विद्युतकर्मियों को धन की गारंटी दे और उनकी सुरक्षा करे।