समाज में भ्रम फैला रहा विपक्ष : नीलिमा कटियार
मुजफ्फरनगर। प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विपक्ष भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। यह कानून केवल हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख, पारसी, ईसाई शरणार्थियों के लिए बनाया गया है। देश की जनता पर यह लागू नहीं होगा।
भाजपा कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता में नीलिमा कटियार ने कहा कि 1947 में देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ। जब देश का बंटवारा हुआ तो नेहरू और लियाकत के बीच यह तय हुआ था कि दोनों देश अपने देश के अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करेंगे। भारत ने समझौते का पालन किया, लेकिन पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया। वर्ष 1947 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या 23 प्रतिशत थी, जो कि 2011 के आंकड़ों के अनुसार मात्र 3.7 प्रतिशत रह गई है। देश की कांग्रेस सरकार ने 2004 से लेकर 2014 के बीच कई बार कहा कि पाकिस्तान में हिंदुओं सहित सभी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया। केंद्र सरकार ने सीएए को दोनों सदनों से पास कराया। इस कानून में बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, जैन, पारसी, ईसाई जो शरणार्थी हैं, उन्हें नागरिकता दी जाएगी। इसका देश के नागरिकों से कोई सरोकार नहीं है। हमने मानवता के नाते दलाईलामा को शरण दी। कांग्रेस और सपा सीएए को मुस्लिमों के खिलाफ बताकर भ्रम फैला रहे हैं। विपक्षी दलों के इस भ्रम को दूर करने के लिए भाजपा एक से पांच जनवरी पूरे प्रदेश में संपर्क अभियान चलाएगी। प्रदेश में एक लाख गांवों के 50 लाख लोगों तक पहुंचने का निर्णय लिया गया है। छह से 15 जनवरी तक सभी क्षेत्रों में विशाल जनसभाएं होगी। गोष्ठी और पैदल यात्रा का आयोजन होगा। पत्रकार वार्ता में विधायक प्रमोद ऊटवाल, विक्रम सैनी, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन सतपाल पाल, आयुष बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुभाषचंद शर्मा, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुखदर्शन बेदी, महेशो चौधरी, सरिता गौड़, सुषमा पुंडीर, अचिंत मित्तल, वैभव त्यागी, नितिन मलिक, रोहताश पाल, अतुल सैनी आदि मौजूद रहे।
एनपीए का विरोध राष्ट्र के कार्य में बाधा पहुंचाना
मुजफ्फरनगर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा एनपीए का विरोध किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह कार्य हर सरकार में होता है। यह देश का काम है, इसमें शामिल नहीं होना राष्ट्र के कार्य में बाधा पहुंचाना है। कुछ लोगों का मकसद केवल विरोध करना होता है, सपा इसी पर उतर आई है।