भौरा कलां थाना क्षेत्र के गांव मौहम्मदपुर राय सिंह में परचून दुकानदार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या करना बताया जा रहा है। एसडीएम ने मदद का आश्वासन दिया है।
मौहम्मदपुर राय सिंह निवासी राजू कश्यप गांव में परचून की दुकान करता था। बृहस्पतिवार रात को उसकी पत्नी पिंकी बच्चों के साथ कमरे में सो गई। रात में किसी समय राजू कश्यप ने मकान की गैलरी की छत में लगे जाल में रस्सी डालकर फंदा गले में डालकर आत्महत्या कर ली। पत्नी को घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह मिली।
पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी और परिजन इकट्ठा हो गए। उन्होंने भौरा कलां पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर मोर्चरी भेज दिया। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा, लोग इकट्ठा हो गए। एसडीएम बुढ़ाना अपूर्वा यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी फुगाना रूपाली राव वहां पहुंचीं। एसडीएम ने शासन से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और मुख्यमंत्री बाल विकास प्राधिकरण योजना के अंतर्गत बच्चों के लिए पेंशन मंजूर कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया ।
आर्थिक तंगी से गुजर रहा था परिवार
राजू कश्यप के परिवार में पत्नी व छह बच्चे हैं। गांव में दुकान कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। दुकान ठीक नहीं चल रही थी। उसे आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बड़ी बेटी लगभग 15 वर्ष की है। राजू को अपना व बच्चों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा था।
बताया गया कि बच्चों का भविष्य सुधारने के लिए उसने एचडीएफसी बैंक शाखा शामली से 18 लाख रुपए का कर्ज लिया था। महर्षि कश्यप एकता मंच के अध्यक्ष मास्टर सुशील कश्यप ने बताया कि राजू समय पर ऋण की किस्त नहीं दे पा रहा था। बैंक के रिकवरी एजेंट दबाव बना रहे थे। संभवत: इसी वजह से यह कदम उठा लिया।