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नंगला बुजुर्ग के जंगल में तेंदुआ की मौजूदगी

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भोपा की जौली नर्सरी में तेंदुआ के पंजों के निशान देखते वहां काम करने वाले मजदूर। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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नंगला बुजुर्ग के जंगल में तेंदुआ, दहशत में ग्रामीण
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भोपा (मुजफ्फरनगर)। गांव नंगला बुजुर्ग स्थित वन पौधशाला में तेंदुआ के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है। तेंदुआ की दस्तक से पौधशाला में काम करने वाले मजदूर व कर्मचारी समूह में रहकर अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
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भोपा थाना क्षेत्र के गांव नंगला बुजुर्ग जंगल में एक सप्ताह से तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। चार दिन पहले गांव का ही किसान महेश शाम को ट्रैक्टर से किसी काम से खेत पर गया था। उसे खेत की ओर से नर्सरी की तरफ जाता हुआ तेंदुआ नजर आया। वह आनन-फानन में ट्रैक्टर को मोड़ कर गांव में वापस आ गया। उसने इसकी जानकारी ग्रामीणों को देते हुए उनसे जंगल में होशियारी के साथ जाने की बात कही। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। इसी के साथ ही नंगला बुजुर्ग गंग नहर किनारे स्थित शुक्रताल रेंज की नर्सरी (पौधशाला) में भी दो-तीन दिन पूर्व तेंदुआ के पंजों के निशान दिखाई पड़े थे। नर्सरी में मजदूरी व चौकीदार करने वाले जौली गांव निवासी मुगल और नंगला बुजुर्ग निवासी मजदूर सईद ने बताया कि उन्होंने नर्सरी में तेंदुआ वह एक छोटे बच्चे के पंजों के निशान देखे हैं। नर्सरी क्षेत्र में तेंदुआ होने की जानकारी उन्होंने अपने अधिकारियों को भी दे दी है। इस पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए के पैरों के निशानों की शनाख्त की, तो वह निशान तेंदुआ व उसके बच्चे के ही पाए गए हैं। दोनों मजदूर ने बताया कि वह अन्य मजदूरों के साथ समूह में रहकर नर्सरी में काम करते हैं। वनरक्षक प्रवेश कुमार का कहना है कि यहां सिंचाई विभाग की काफी भूमि व वन क्षेत्र होने के कारण यहां पर छोटे जंगली जानवर रहते हैं। यहां नहर व रजबहा होने के कारण पानी की भी ठीक व्यवस्था है। इसीलिए तेंदुआ पानी की तलाश में इधर निकल आते हैं। क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई देने के साथ ही नर्सरी में तेंदुआ के पैरों के निशान मिलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। क्षेत्र में पिछले वर्ष आठ दिसंबर को भोकरहेड़ी जंगल में शिकारियों द्वारा लगाए गए खटके में तेंदुआ फंस गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी।
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