Death in Accident: बिलासपुर कट पार करते समय हरिद्वार की तरफ से तेज गति से बाइक पर तीन कांवड़िये आए। दंपती की बाइक में सीधी टक्कर मार दी। किसान मईनुद्दीन की मौके पर ही सिर में चोट लगने से मौत हो गई।
दिल्ली-दून हाईवे के बिलासपुर कट पर शुक्रवार को तीन दिन में दूसरा बड़ा हादसा हुआ। बीमार पत्नी को अलमासपुर में डॉक्टर को दिखाने आ रहे बाइक सवार धंधेड़ा निवासी मईनुद्दीन (55) की बाइक में कांवड़ियों की बाइक ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चालक की मौत हो गई। उसकी पत्नी घायल हो गई। बाइक को छोड़ कर तीन कांवड़िये फरार हो गए। मौके पर जाम भी लग गया। कुछ लोगों ने भी जाम लगाने का प्रयास किया।
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दंपती की बाइक।
- फोटो : अमर उजाला
थाना सिखेड़ा के गांव धंधेड़ा निवासी मईनुद्दीन की पत्नी रुकसाना बीमार चल रही है। उसका उपचार अलमासपुर में प्राइवेट डॉक्टर के यहां चल रहा है। दोपहर बाद यह दंपती बाइक पर सवार होकर डॉक्टर के यहां आने के लिए चला था। बिलासपुर कट पार करते समय हरिद्वार की तरफ से तेज गति से बाइक पर तीन कांवड़िये आए और चालक ने उनकी बाइक में सीधी टक्कर मार दी। तीनों युवक हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे थे।
हादसे में घायल महिला।
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में दंपती सड़क पर जा गिरा और मईनुद्दीन का सिर सड़क में लगने से फट गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसकी पत्नी घायल हो गई। हादसे के बाद टक्कर मारने वाली बाइक पर सवार दो कांवड़िये फरार हो गए। तीसरा घायल हो गया।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस मौके पर पहुंची और राहगीरों की मदद से शव को मार्ग से हटवाया। हादसे में घायल महिला व कांवड़िया को जिला अस्पताल भेजा। हादसे के कारण हाईवे पर जाम लग गया। दूर तक वाहनों की लाइन लग गई।
चूंकि तीन दिन में यह दूसरा हादसा था, इसी के चलते गुस्साए लोगों ने जाम लगाने का भी प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें समझाया। इसके बाद शव को पुलिस ने मोर्चरी भेज दिया।
दोनों बाइकों को पुलिस ने कब्जे में लिया है। नई मंडी कोतवाली पुलिस ने बताया कि घायल कांवड़िया गाजियाबाद के थाना मंसूरी के गांव चितौडा का रहने वाला आयुष है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वह उपचार कराकर चला गया है। अभी हादसे की तहरीर नहीं आई है।
खेती करता था मईनुद्दीन
गांव के लोगों ने बताया कि मईनुद्दीन पहले जानसठ रोड पर एक केमिकल फैक्टरी में सुपरवाइजर था। तीन साल पहले उसने वहां से नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह गांव में रहकर खेती करता था।