संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर से बिजनौर मार्ग को जोड़ने वाले जोली मार्ग पर परिवहन निगम की सुविधा नहीं है। इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक गांव स्थित हैं। ग्रामीणों को अपने वाहनों से आना जाना करना पड़ता है। इस कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
मुजफ्फरनगर के कूकड़ा ब्लॉक से इस मार्ग पर जाने का रास्ता हैं। इस मार्ग से रोजाना करीब पांच हजार लोग आना जाना करते हैं। यूं तो इस मार्ग पर इक्का दुक्का निजी बसें चलाई गई हैं, लेकिन इनका आने जाने का कोई पक्का समय नहीं है। इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ती हैं। ऐसे में ग्रामीणों को अपने वाहनों से ही आना जाना करना पड़ता हैं।
इस मार्ग के गांव
कूकड़ा बिलासपुर, भंडूरा, मिर्जा टीला, जौली, खेड़ी फिरोजाबाद, तिस्सा, अलीपुरा, तेवडा, रुड़कली फतेह अली, रुड़कली तालाब अली, खोकना, बेहड़ा सादात, दरियापुर, खरपोड़, नया गांव, कैड़ी, गंगदासपुर, निजामपुर, कासमपुर खोला, बीआइटी।
कभी नहीं चली रोडवेज बस-
मुजफ्फरनगर से इस मार्ग पर इस मार्ग के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों के अलावा बिजनौर जाने वाले अधिकांश लोग अपने वाहनों से आना जाना करते है। बिजनौर जाने के लिए कई किलोमीटर का रास्ता बच जाता हैं। यह मार्ग बेहद पुराना हैं। बावजूद इस मार्ग पर कभी रोडवेज बस नहीं चली हैं।
इस मार्ग पर रोडवेज बसें चलाने की मांग की जाती है तो सर्वे कराकर विचार किया जाएगा। - राज कुमार तोमर, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी, परिवहन निगम मुजफ्फरनगर डिपो।