मंत्रोच्चारण करते गुरुकुल के विद्यार्थी।
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शुकतीर्थ मोरना मार्ग पर स्थित कृषि फार्म पर किसान ब्रजवीर राठी के एक बैल की लंबी बीमारी के बाद मृत्यु हो गई। यह बैल पिछले आठ महीनों से सींग के कैंसर से पीड़ित था। इस दुखद घटना ने किसान ब्रजवीर राठी और उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है, जो इस बैल से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए थे।
बैल की मृत्यु के बाद, गुरुकुल आश्रम के स्वामी विश्वानंद महाराज और विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई। यह एक अनूठी पहल थी जहां पशु के प्रति सम्मान और करुणा को वैदिक परंपराओं के साथ जोड़ा गया। मंत्रों की गूंज के बीच, बैल के पार्थिव शरीर को खेत में ही एक गहरा गड्ढा खोदकर अंतिम संस्कार किया गया। इस रस्म में शामिल सभी लोगों ने शांति और सम्मान का भाव व्यक्त किया।
किसान ब्रजवीर राठी ने बताया कि यह बैल उनके लिए सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य था। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस बैल का जोड़ीदार दूसरा बैल अभी भी जीवित है, जो शायद इस समय और भी अकेला महसूस कर रहा होगा। इस दुखद अवसर पर राम सहोदर मिश्रा, ऋषिपाल मास्टर, सनी, बबलू, मुकेश और महक सिंह सहित कई अन्य स्थानीय लोग भी उपस्थित थे, जिन्होंने किसान के दुख में सहानुभूति व्यक्त की और इस अनुष्ठान में भाग लिया।