मुजफ्फरनगर। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए शासन ने जिलों को रैपिड जांच किट दी हैं। जिले को भी 700 किट मिली हैं। इस किट के जरिए आधे घंटे में कोरोना की जांच हो सकेगी। अंतिम पुष्टि के लिए उसी व्यक्ति का सैंपल भेजा जाएगा, जिसे इस किट की जांच में संक्रमित पाया जाएगा।
जिले से कोरोना संदिग्धों के 400 से ज्यादा सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें से लगभग आधे की ही जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। बताया जाता है कि मेरठ, नोएडा और लखनऊ की लैब में सैंपल की भरमार है। इसके चलते जांच में देरी होती है और लैब में होने वाली जांच महंगी भी पड़ती है।
कोरोना की प्रभावी रोकथाम के लिए शासन ने जनपदों को रैपिड किट भेजी हैं। मुजफ्फरनगर को भी 700 किट मिली हैं। इन किट के जरिए आधे घंटे में कोरोना संदिग्ध की प्राथमिक जांच हो पाएगी। इसके बाद उसी व्यक्ति का सैंपल जांच के लिए लैब को भेजा जाएगा, जिसे किट से हुई जांच में संक्रमण की पुष्टि होगी। सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि लैब में सैंपल की संख्या अधिक हो जाने के कारण जांच रिपोर्ट आने में देरी होती है। रैपिड किट के जरिए ज्यादा लोगों की जांच हो पाएगी और लैब पर सैंपल का बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि मौके पर ही व्यक्ति की जांच हो पाएगी । अनावश्यक सैंपल भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि जिले को 700 किट मिलने से कोरोना की रोकथाम में बड़ा फायदा होगा।
देर रात मिली 41 जांच रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। जिले से भेजे गए कोरोना संदिग्ध सैंपल की जांच आने में देरी हो रही है। शनिवार रात 41 जांच रिपोर्ट जिले को प्राप्त हुई। सीएमओ ने बताया कि इन जांच रिपोर्ट में किसी को भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। जिले में कुल 7 कोरोना पॉजिटिव हैं। इनमें से दो को दिल्ली और नोएडा में कोरोना की पुष्टि हुई है। एक महिला नोएडा में भर्ती है जबकि 6 कोरोना पॉजिटिव बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। -