फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar: मलिकपुरा में शोक सभा, अदालत में कवाल कांड की सुनवाई बुधवार को

Tue, 27 Aug 2024 08:39 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

कवाल कांड में मारे गए मलिकपुरा के सचिन और गौरव की बुधवार को मलिकपुरा में श्रद्धांजलि सभा होगी। वहीं गांव कवाल में शाहनवाज की मौत के मामले में अदालत में सुनवाई होगी।  
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कवाल कांड में मारे गए मलिकपुरा के सचिन और गौरव की बुधवार को मलिकपुरा में श्रद्धांजलि सभा होगी। राजनीतिक दलों के अलावा सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल होंगे। पुलिस ने भी कड़े बंदोबस्त किए हैं।
विज्ञापन


कवाल में 27 अगस्त 2013 को सचिन और गौरव की हत्या कर दी गई थी। वारदात के कुछ घंटे बाद ही तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी मंजिल सैनी का तबादला कर दिया गया था। गौरव के पिता रविंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार को मलिकपुरा में 11वीं पुण्यतिथि मनाई जाएगी। सुबह हवन यज्ञ होगा, जिसमें परिवार के लोगों के अलावा रिश्तेदार, राजनीतिक दलों के लोग भाग लेंगे। हवन यज्ञ के बाद श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। सीओ यतेंद्र सिंह नागर ने बताया कि पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रहेगा।
 

शाहनवाज की हत्या में आज होगी सुनवाई
कवाल कांड में शाहनवाज की हत्या के मामले की बुधवार को अदालत सुनवाई करेगी। प्रकरण के वादी सलीम का इंतकाल हो चुका है।

जानसठ क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को कवाल निवासी शाहनवाज का मलिकपुरा निवासी सचिन और गौरव के साथ झगड़ा हुआ था। अपने गांव की तरफ जा रहे सचिन और गौरव की हत्या कर दी गई। बाद में शाहनवाज की मौत भी हो गई थी। वादी का कहना था कि दोपहर के समय हुए झगड़े के बाद गौरव अपने साथ प्रहलाद, बिशन, तेंदू, देवेंद्र, योगेंद्र, जितेंद्र व सचिन को लेकर पहुंचा और घर पर हमला कर दिया। इस हमले में शाहनवाज उर्फ कलवा की मौत हो गई थी।

 
विज्ञापन

कवाल में की गई थी आगजनी
मलिकपुरा में गौरव और सचिन का अंतिम संस्कार 28 अगस्त को हुआ था। यहां से लौट रही भीड़ ने कवाल गांव में घर के बाहर खड़े वाहनों में आगजनी कर दी थी। कई जगह तोड़फोड़ भी की गई थी। इसके बाद 29 अगस्त को भी गांव में तनाव बन गया था। इसके बाद पूर्व विधायक विक्रम सैनी को भी नामजद किया गया था, जिसमें कोर्ट से सजा होने के कारण सैनी की विधानसभा की सदस्यता चली गई थी। खतौली में उपचुनाव हुए और रालोद के टिकट पर मदन भैया विधायक चुन लिए गए थे।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें