दस्तावेजों की जांच के बाद होगा विद्यालय आवंटन
इस आदेश के अनुपालन में मुजफ्फरनगर जिले में तीन शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है। बृहस्पतिवार को डायट परिसर में अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि सभी पहलुओं की जांच के बाद सोमवार को विद्यालय आवंटन की सूची जारी की जाएगी।
संघर्ष की कहानी सुनाकर भावुक हुए अभ्यर्थी
अभ्यर्थी पूनम शर्मा ने बताया कि वर्ष 2013 में उन्हें काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था और सभी प्रक्रियाएं पूरी करा ली गई थीं, लेकिन नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया। अचानक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगने से उन्हें गहरा झटका लगा। उन्होंने न्याय के लिए कोर्ट का सहारा लिया और इस दौरान प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2015 की परीक्षा पास कर मुरादाबाद में नियुक्ति प्राप्त की। उन्होंने बताया कि न्याय की उम्मीद में गोद में बेटी को लेकर भी कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े।
पचैंडा खुर्द निवासी संजीव ने बताया कि नियुक्ति न मिलने के कारण परिवार का गुजारा चलाने के लिए उन्हें विपणन प्रतिनिधि की नौकरी करनी पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने न्याय की उम्मीद नहीं छोड़ी और हर तारीख पर कोर्ट में उपस्थित होते रहे। उन्होंने कहा कि यह 13 साल बहुत कठिन और संघर्ष भरे रहे।
सतेंद्र कटारिया ने बताया कि जब उन्होंने वर्ष 2013 में शिक्षक भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की थी तब उनकी उम्र 22 वर्ष थी। भर्ती पर रोक लगने के बाद उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की और साथ ही तैयारी भी जारी रखी। उन्होंने वर्ष 2018 में 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा भी पास कर ली और नियुक्ति प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यदि 2013 की भर्ती प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती तो आज वह पदोन्नति की ओर बढ़ चुके होते।