मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड पर नगर पालिका का कांवड़ शिविर जेनरेटर में डीजल नहीं मिलने से व्यवस्था चरमरा गई। पंखे नहीं चले तो कांवड़िए भी कम पहुंचे। मायूस कर्मचारी और क्षेत्रीय सभासदों ने अपने प्रयास से बिजली का कनेक्शन लेकर शिविर प्रारंभ किया। बाद में पालिका के अधिकारी और कर्मचारी भी सक्रिय हो गए।
नगर पालिका ने रुड़की रोड पर कांवड़ शिविर लगाया है। शिविर के लिए दस लाख खर्च करने की बोर्ड ने अनुमति दी है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद शिविर में भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि पालिका अफसरों ने डीजल देने से मना कर दिया और तैनात कर्मचारियों को वापिस आने के लिए कहा। तीन शिफ्टों में यहां 21 कर्मचारी लगाए गए हैं। दोपहर से लेकर शाम पांच बजे तक असमंजस बना रहा। शिविर में बिजली के बिना पंखे नहीं चले। नगर पालिका ईओ हेमराज का कहना है कि हमने कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, जो शाम के समय चालू हो गया। उधर, सभासद अरविंद धनगर और ओम सिंह आदि ने बताया कि पालिका का कनेक्शन नहीं मिलने पर उन्होंने विद्युत निगम को 3500 रुपये नकद जमाकर अस्थाई कनेक्शन लिया है। इसके बाद फिर से कांवड़ शिविर शुरू हो गया। शाम के समय राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल भी शिविर में पहुंचे और उन्होंने पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि शिविर की व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कांवड़ यात्रा सरकार की प्राथमिकता में है।
पालिका ने हाथ खींचा तो तैयार हुआ समाज
सभासद अरविंद धनगर ने बताया कि डीजल नहीं मिला है तो पालिका के तीन सभासदों और समाज के जिम्मेदार 12 लोगों ने आपस में पैसा एकत्र करने का निर्णय लिया। यह तय हुआ कि पालिका खर्च नहीं उठाएगी तो समाज उठाएगा। विद्युत निगम से बात की तो 3500 नकद जमा कर पांच दिन के लिए अस्थायी कनेक्शन देने की बात कही गई। 3500 जमा कराकर कनेक्शन लिया गया। शाम के समय फिर से पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों के सक्रिय हो जाने से एकत्र पैसे वापिस किए गए।
पालिका का आवेदन ही नहीं हो पाया
विद्युत निगम के जेई बिजेंद्र ने बताया कि नगर पालिका का आवेदन ही अब तक नहीं हो पाया है। ऑनलाइन आवेदन में पैसा जमा करने के जो आप्शन है, पालिका उन्हें पूरा नहीं कर पा रही। फिलहाल 3500 रुपये जमा करके अस्थायी कनेक्शन दिया गया है।