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चार सौ साल पुराने मंदिर में मन्नत मांगने आते हैं श्रद्धालु

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संवाद न्यूज एजेंसी
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खतौली। कस्बे की मुस्लिम आबादी के बीच झारखंड महादेव श्रद्धालुओं के बीच आस्था का केंद्र बना हुआ है। भगवान शिव के साथ मंदिर परिसर में बालाजी महाराज, नवग्रह और बगलामुखी मां की भी मूर्तियां स्थापित है। कांवड़ यात्रा के दौरान मंदिर में तीन दिन तक भंड़ारा लगाया जाता है। दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष सुधीर गोयल ने बताया कि लगभग 400 साल पहले मुगलकाल में मराठा सेना ने यहां आकर अपनी छावनी बनाई थी। तभी पंचमुखी महादेव मंदिर की स्थापना की गई थी। मंदिर परिसर 15 बीघे में है। महादेव की मूर्ति जिस जगह है, वहां पहले छोटा ही मंदिर था। 1984 में मंदिर की एक कमेटी बनाई गई थी। उस समय लाला सुधीर गोयल को अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद मंदिर परिसर में बाला जी महाराज का मंदिर बनाया गया। इसके अलावा 2015 में नवग्रह मंदिर, बगला मुखी मंदिर की स्थापना की गई। हर वर्ष कांवड़ियों की सेवा के लिए तीन दिवसीय विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है।
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पूरी होती है मनोकामना
मान्यता है कि पंचमुखी महादेव मंदिर क्षेत्र में दूसरा नहीं है। पंडित अनुराग शुक्ला ने बताया कि 40 दिन तक विधि विधान से पूजा अर्चना करते हुए जो भी भक्त जलाभिषेक करता है, प्रभु उसकी मनोकामना पूरी करते हैं। दूर दराज से आकर लोग यहां अपनी मन्नत मांगते है। मन्नत पूरी होने पर भंडारे का आयोजन भी कराते हैं।
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