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निकाय चुुनाव : 2017 में आधी आबादी चुनाव में कर सकती है उलटफेर  

Mon, 30 Oct 2017 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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voter - फोटो : amar ujala
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नगर पालिका हो या नगर पंचायत। सब जगह सरकार चुनने में आधी आबादी महत्वपूर्ण पायदान पर खड़ी है। जनपद में निकाय चुनाव में महिला वोटर भी प्रत्याशियों की तकदीर का फैसला करने में अहम है। जानसठ, चरथावल, शाहपुर नगर पंचायत में आधी आबादी उलटफेर कर चुनावी आंकड़े बदलने में समक्ष में है। यहां पुरुषों के सापेक्ष महिला वोटर कुछ ही कम है।  
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जनपद की आठ नगर पंचायत और दो नगर पालिका में चुनावी बिगुल बज चुका है। द्वितीय चरण में 26 नवंबर को मतदान होगा। इसके लिए राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों की घोषणों के साथ वोटरों को साधने के लिए मंथन प्रारंभ कर दिया है। सपा, बसपा, भाजपा समेत रालोद ने वार्ड स्तर से चुनावी रणनीति और आंकड़े जुटाने प्रारंभ कर दिए हैं, ताकि वोटरों को लुभाने में कोई कमी न रहे। नगर निकाय चुनाव में भी महिलाओं को अनदेखा करना सियासी दलों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। दोनों नगर पालिका, आठ नगर पंचायत में महिलाएं चुनावी तस्वीर बदलने में मुख्य है। एक तरफा मतदान पर उतरीं तो आधी आबादी उलटफेर सकती है।  

जानसठ-चरथावल में महिलाओं की भूमिका होगी अहम
मुजफ्फरनगर। जनपद की जानसठ और चरथावल नगर पंचायत में महिला वोटरों की संख्या पुरुषों के सापेक्ष कुछ ही कम है। जानसठ में पुरुषों के मुकाबले 282 महिला वोटर कम हैं, वहीं चरथावल में 325 महिला वोट पुरुष वोटर से कम है। शाहपुर में 746 महिला वोटर कम है। इसके अलावा पुरकाजी में 1190, सिसौली में 1243, भोकरहेड़ी में 865, मीरापुर में 950, बुढ़ाना में 1124 तथा मुजफ्फरनगर पालिका में 14161, और खतौली में 2434 महिला वोट पुरुषों के सापेक्ष कम है।  
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नगर पंचायत में महिला-पुरुष वोटर 
क्षेत्र----------पुुरुष-------महिला  
शाहपुर--------8396------7650 
पुरकाजी-------9913------8723 
सिसौली--------6452------5209 
जानसठ--------8005------7723 
भोकरहेड़ी-------7304------6439 
चरथावल-------8549------8224 
मीरापुर---------10909-----9959 
बुढ़ाना----------14986-----13862 
पालिका परिषद में वोट आंकड़ा 
मुजफ्फरनगर-------132577-----118416 
खतौली-----------28346-----25912 

दलों के पैनल के नाम हाईकमान को पहुंचे      
निकाय चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के लिए पैनल राजनीतिक दलों ने अपने हाईकमान को भेज दिए हैं। भाजपा की सूची को अंतिम रुप लखनऊ में सोमवार को दिया जाएगा। एक नवंबर को पार्टी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर सकती है। सपा, बसपा और कांग्रेस की सूची भी इन्हीं के साथ जारी होने की संभावना है। सूची में नाम को लेकर अधिकतम दावेदार लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं।  

भाजपा और सपा का तीन-तीन प्रत्याशियों का पैनल पार्टी हाईकमान को लखनऊ जा चुका है। जिले में गठित भाजपा की कमेटी में लंबी मंत्रणा के बाद नाम भेजे गए हैं, लेकिन नामों का खुलासा नहीं किया गया है। कुछ निकाय में तो एक या दो का ही नाम भेजा गया है। जहां एक का नाम भेजा गया है, वहां उसे टिकट मिलना तय माना जा रहा है।  सपा की गठित कमेटी ने भी नाम भेज दिए हैं। सपा ने कुछ नगर पंचायतों में केवल एक-एक नाम ही भेजे हैं।

यहां भी ऐसे दावेदारों को टिकट मिलना लगभग तय है। यहीं स्थिति बसपा और कांग्रेस की है। भाजपा की सूची एक नवंबर को जारी हो सकती है। सपा की सूची को लेकर भी ऐसी ही संभावना है। कांग्रेस और बसपा की सूची इनके बाद जारी हो सकती है। प्रत्याशियों के पैनल लखनऊ जाने के बाद बड़ी संख्या में दावेदारों ने लखनऊ में डेरा जमा लिया है। अपने तरीके से एप्रोच भी कर रहे हैं।  

वार्डों में बदला बदला नजर आता है नजारा

देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी शहर के सात वार्डों में अछूत बन गई है। इन मुस्लिम बहुल वार्डों में बीजेपी से टिकट मांगने के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। यही स्थिति प्रदेश के दूसरे बड़े राजनीतिक दल सपा की है। शहर के आठ हिंदू बहुल वार्डों में सपा से टिकट मांगने वाला कोई नहीं है।    
    
इस बार निकाय चुनाव बीजेपी और सपा दोनों ही अपने सिंबल पर लड़ रही हैं। चेयरमैन से लेकर सभासद पद तक के प्रत्याशी को पार्टी सिंबल देगी। सिंबल के लिए बीजेपी के जिला प्रभारी अरुण वशिष्ठ और सपा के जिला प्रभारी गुलाम मोहम्मद ने आवेदन एकत्र किए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बीजेपी में चुनाव लड़ने के लिए मारामारी का माहौल रहा। एक वार्ड से कई-कई ने टिकट मांगे। हालांकि इसके उलट मुस्लिम बहुल वार्डों में उम्मीदवार के लाले पड़ गए।

शहर के सात वार्ड ऐसे हैं, जिनमें किसी ने भी टिकट नहीं मांगा है। इन मुस्लिम बहुल वार्डों में प्रत्याशी नहीं मिलने से पार्टी को इन वार्डों को अब बिना प्रत्याशी के ही छोड़ना पड़ेगा। जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी का कहना है कि कुछ वार्डों में मुस्लिमों ने आवेदन किया है, लेकिन सात वार्डों में कोई नहीं आया। सपा में भी यही स्थिति है। सपा के मीडिया प्रभारी काजी अरशद ने बताया कि सपा के सामने भी यह स्थिति है कि उसे कुछ वार्डों को बिना सिंबल के छोड़ना पड़ सकता है।

भाजपा सभी दस निकायों में लड़ेगी 
मुजफ्फरनगर। भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी ने बताया कि इस बार किसी भी नगर पंचायत में पार्टी किसी निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन नहीं करेगी। जिले की दो नगर पालिका परिषद और आठों नगर पंचायत में पार्टी स्वयं चुनाव लड़ेगी। पहली बार पार्टी सभी कस्बों में चुनाव लड़ने जा रही है।

पुलिस ने नगर में फ्लैग मार्च निकाला
जानसठ। नगर पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस फोर्स ने नगर में फ्लैग मार्च निकाला। नगर में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार ने पुलिस के साथ नगर में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कस्बेवासियों से चौराहों पर रुक कर शांतिपूर्ण चुनाव कराने को कहा। उन्होंने कहा कि चुनाव में असामाजिक तत्व तथा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। फ्लैग मार्च में एसएसआई लेखराज सिंह, कर्मवीर सिंह, मनोज कुमार यादव, नवीन भाटी, विजय सिंह व पीएसी के जवान शामिल थे।  

होर्डिंग और बैनर उतरवाए
जानसठ। निकाय चुनाव की घोषणा होते ही प्रशासन ने आचार संहिता का पालन करते हुए नगर से प्रत्याशियों के होर्डिंग तथा बैनर उतरवाए। एसडीएम श्याम अवध चौहान के निर्देश पर नगर पंचायत के वरिष्ठ लिपिक मोहम्मद इरफान, लोकेश वर्मा, अमित चौहान, जितेंद्र कुमार कर्मचारियों व पुलिस ने कस्बे में लगे प्रत्याशियों के होर्डिंग बैनर उतार कर जब्त कर लिए। प्रशासन की कार्रवाई देख कुछ प्रत्याशियों ने अपने बैनर स्वयं ही उतार लिए। 

निकाय चुनाव के लिए सरगर्मियां बढ़ी
बुढ़ाना। निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। उधर, पुलिस प्रशासन ने लगे बैनर व पोस्टरों को हटवा दिया। बुढ़ाना कस्बे में वैसे तीन योजनाओं से कमल का फूल खिलता आ रहा है। वर्ष 1995 में महिला सीट पर बाला त्यागी ने कमल के फूल पर चुनाव लड़कर 365 वोट अधिक लेकर विजय प्राप्त की थी। वर्ष 2000 के चुनाव में सामान्य सीट पर बाला त्यागी के पति जितेंद्र त्यागी ने कमल के फूल पर ही अपने प्रतिद्वंद्वी से 1170 वोट अधिक लेकर चुनाव जीता था।

वर्ष 2012 में भी कमल के फूल पर ही जितेंद्र त्यागी ने चुनाव लड़कर नगर पंचायत बुढ़ाना की सीट पर अपना कब्जा जमाया था। महिला सीट होने के कारण इस बार फिर जितेंद्र त्यागी की पत्नी बाला त्यागी चुनावी मैदान में हैं। भाजपा की अकेली उम्मीदवार होने के कारण पार्टी उन्हें ही सिंबल देगी। उपजिलाधिकारी कुमार भूपेंद्र ने बताया कि बिना अनुमति के कोई बैनर पोस्टर नहीं लगने दिया जाएगा। सरकारी संपत्ति पर कोई बैनर पोस्टर नहीं लगेगा। उन्होंने बताया कि बिना अनुमति के बैनर पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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