नवरात्र पर्व पर वैष्णो देवी मंदिर में आयोजित कीर्तन में माता गुणगान करते श्रद्वालु।
मुजफ्फरनगर। चैत माह के नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा की छठी शक्ति मां कात्यायनी की पूजा विधि विधान से गई। नगर में माता के मंदिरों में सुबह से भक्तों की भीड़ रही और मंदिर माता के जयकारों से गूंजायमान रहे।
गांधी काॅलोनी में माता वैष्णो देवी मंदिर में माता की पूजा करने के लिए दिन निकलते ही भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। भक्तों ने श्रद्घा भाव से मां कात्यायनी की पूजा की और भोग लगाया। शाम के समय मंदिर में माता का कीर्तन भी हुआ जिसमें आसपास क्षेत्र की महिलाओं ने शामिल होकर माता का गुणगान किया।
मन कामनेश्वर मंदिर के पुजारी अरुण मिश्रा ने महिला भक्तों को बताया कि ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण इनका नाम कात्यायनी रखा गया। मां कात्यायनी स्त्री ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती हैं और स्त्री ऊर्जा का स्वरूप भी हैं। ये ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं। मान्यता है कि देवी कात्यायनी जिस पर प्रसन्न हो जाएं उसे अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती हैं। मां कात्यायनी की पूजा से मनचाहा वर मिलता हैं और प्रेम विवाह की सभी अड़चनें दूर हो जाती हैं।