मोरना में नाव बनाते लकडी कारीगर निवासी मेहरबान।
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मोरना। गंगा खादर में बसे ग्रामीणों की बाढ़ के दौरान जीवन को सुरक्षित रखने के लिए नाव जीवनदायनी होती है। कस्बा भोकरहेडी निवासी मेहरबान ने सैंकड़ों नाव बना चुके हैं। विकास खंड मोरना के कस्बा भोकरहेडी मोहल्ला पठानान निवासी मेहरबान पुत्र छोटा ने बताया कि गंगा खादर में रहने वाले किसान मजदूरों ने 2010 के बाद गंगा में आई बाढ़ से भारी नुकसान के साथ मानव, पशुओं को जिंदगी से जूझते और परिवारों को उजड़ते देखा। गंगा खादर में रहने वाले ग्रामीणों के सामने फसल बर्बादी से खाने के लाले पड़ गए। गंगा खादर के लोगों की मदद करने के उद्देश्य से उन्होंने नाव बनाने का कार्य आरम्भ कर दिया। नाव को गंगा खादर में जीवन यापन करने वाले किसान मजदूरों को बहुत कम दाम में बनाकर दिया जाता है। उत्तराखंड राज्य जोगावाला, दाबकी, भैंसाली हरिनगर आदि सहित गांव खुशीपुरा, इंछावाला आदि सहित गंगा खादर में खेतीबाडी करने वाले किसानों को सैंकड़ों नाव बनाकर दे चुके हैं। इस काम में उनका शिष्य उवैश भी मदद करता है।