रिकार्ड गन्ने की पेराई कर मोरना चीनी मिल बंद
मुजफ्फरनगर, मोरना। इस बार मोरना चीनी मिल ने गन्ना पेराई का रिकार्ड कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रबंधन ने पेराई पूरी होने के बाद मिल को बंद कर दिया है।
दि गंगा किसान चीनी मिल मोरना प्रबंधक हर्षवर्धन कौशिक ने बताया कि मोरना मिल की स्थापना सन 1983 में की गई। वहीं, 1984 में गन्ना सत्र पेराई सत्र में किसानों के गन्ना सट्टे के तहत गन्ना लिया गया। अबकी बार 2019-2020 के गन्ना पेराई सत्र में मिल ने किसानों के गन्ना सट्टे द्वारा रिकार्ड 51 लाख 30 हजार 864,19 क्विंटल की पेराई कर कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। अभी तक मिल कैपेसिटी के हिसाब से इतना गन्ने की पेराई नहीं हो पाई है। चीनी बोरों की गणना भी रिकार्ड होगी। मिल प्रबंधन की मांग पर मिल बंद करते समय सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोरना पुलिस पुलिस चौकी प्रभारी लेखराज सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। वहीं, मिल गन्नाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि मोरना क्षेत्र के किसानों के खेतों में शेष बचे गन्ने का सर्वे कराकर 4 जून से 9 जून तक पर्चियों को वितरण कर गन्ना लिया गया, जिसकी पेराई कर मंगलवार सुबह नौ बजे मिल को विधिविधान पूर्वक बंद कर दिया गया। रिकार्ड गन्ना पेराई करने पर मोरना क्षेत्र के समाजसेवियों, किसान संगठन, गण्यमान्य लोगों ने मिल प्रबंधन और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी है।