हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य में बिजनौर बैराज और शुक्रताल के बीच हैदरपुर वेटलैंड इन दिनों विदेशी मेहमानों की कलरव से गुलजार है। 45 से ज्यादा विदेशी प्रजातियों के 12 से 15 हजार प्रवासी पक्षी यहां आए हुए हैं। जुलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पक्षी वैज्ञानिक ने मौके पर पहुंचकर पक्षियों की सूची तैयार की। उनका कहना है कि इसे पक्षी विहार के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी वातावरण और सभी संभावनाएं यहां मौजूद है।
मुजफ्फरनगर जनपद की सीमा के अंतर्गत आने वाला हैदरपुर वेटलैंड गंगा के तटबंध का इलाका है। अक्तूबर में यहां साइबेरियन देशों से बड़ी संख्या में पक्षी आते हैं। फरवरी तक यहां रुकते हैं और फिर कूच कर जाते हैं। इन दिनों यह वेटलैंड विदेशी मेहमानों की चहचाहट से गूंज रहा है। जुलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून के पक्षी वैज्ञानिक डॉक्टर अनिल कुमार ने यहां पहुंचकर पक्षियों के बारे में जानकारी जुटाई।
उन्होंने बताया कि तीन घंटे में उन्हें लगभग 45 प्रजातियां दिखीं। करीब 12 से 15 हजार पक्षियों के होने का अनुमान है। वह व्यक्तिगत रूप से यहां आए थे। पक्षी विहार के रूप में इस स्थान का विकास किया जाए तो बेहतर होगा। पक्षी प्रजाति तथा संख्या में मामले में यह काफी समृद्ध है।
तैयार हो रहा प्रस्ताव, उच्च स्तर पर करेंगे पैरवी
मुजफ्फरनगर। वन संरक्षक सहारनपुर वीके जैन वेटलैंड को पक्षी विहार के रूप में विकसित कराने को प्रयासरत हैं। वह बताते हैं कि पक्षियों से संबंधित रिकार्ड जुटा रहे हैं। जेडएसआई और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से भी सहायता ली जा रही है। तकनीकी पहलुओं को देखा जा रहा है। फरवरी में वेटलैंड दिवस पर यहां कार्यक्रम का आयोजन कराया जाएगा।
पक्षियों की इन प्रजातियों की भरमार
हैदरपुर वेटलैंड में ब्लैक हेडेट गुल, इंडियन कॉरमोरंट, ग्रेट कॉरमोरंट, लिटिल कॉरमोरंट, ओरियंटल डार्टर, ग्रे हेरॉन, ग्रेट इग्रेट, इंटरमीडिएट, लिटिल और कै टल इग्रेट, इंडियन पोंड हेरॉन, ऑस्प्रे, ब्लैक काइट, व्हाइट ब्रेस्टेड वारहेन, यूरेशियन मूरहेन, ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, रेड वाटल्ड लैपविंग, फ्लेमिंगो आदि विदेशी पक्षियों की प्रजातियों की भरमार है।
हैदरपुर में पहुंचना है आसान
यदि इस स्थान को पक्षी विहार के रूप में विकसित किया जाए तो यहां पर्यटकों के पहुंचने की अपार संभावना हैं। यह मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर बिजनौर बैराज के नजदीक स्थित है। मुजफ्फरनगर, बिजनौर और मेरठ जनपदों की सीमाएं भी पास ही हैं। हाईवे से मात्र आधा किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण यहां आसानी से पहुंचा जा सकता
इन्होंने कहा...
पक्षियों के मामले में हैदरपुर वेटलैंड काफी समृद्ध है। यहां कुछ दुर्लभ प्रजातियां भी देखने को मिली है। क्रेन भी काफी संख्या में दिखाई दिए डाक्टर अनिल कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, जेडएसआई देहरादून।
हैदरपुर वेटलैंड को पक्षी विहार के रूप में विकसित कराने के पूर्ण प्रयास हो रहे हैं। डाटा तैयार कराया जा रहा है - वीके जैन, वन संरक्षक, सहारनपुर।