तुलसी पार्क में रंग रोगन करता मुस्लिम कारीगर।
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मंदिर, मस्जिद बाद में, पहले रोजी-रोटी चाहिए
मुजफ्फरनगर। शनिवार सुबह से ही शिवचौक पर गहमागहमी का माहौल रहा। भारी फोर्स के साथ अफसर शिवचौक पर ही डेरा डाले हुए शहर के हालात पर नजर गड़ाए हुए थे। जनमानस के हर शख्स के साथ ही पुलिसकर्मी व अफसर भी एक-दूसरे के साथ अयोध्या पर आने वाले फैसले को लेकर अपनी चर्चाओं में मशगूल थे, लेकिन इससे अलग एक ऐसा शख्स भी शिवचौक पर मौजूद था, जो मंदिर-मस्जिद के इस झगड़े से दूर अपने आठ सदस्यों वाले परिवार के लिए रोजी-रोटी के इंतजाम में जुटा हुआ था। शिवचौक से चंद कदमों की दूूरी पर स्थित तुलसी पार्क में चल रहे साफ-सफाई के कार्य में मोहल्ला खालापार निवासी तहसीन ने पेंट का ठेका लिया हुआ है। शिवचौक पर गहमागहमी से बेपरवाह तहसीन सुबह से ही तुलसी पार्क में पेंट करने के काम में लगा रहा। अयोध्या प्रकरण पर वार्ता करते हुए तहसीन ने बताया कि जो भी निर्णय होगा, वह अच्छा ही होगा। अयोध्या में मंदिर बने या मस्जिद, उसे तो सबसे पहले अपनी बीवी, पांच बेटियों व एक बेटे के लिए रोजी-रोटी का जुगाड़ करना है। वह खालापार में किराये पर रहता है और 450 रुपये दिहाड़ी के दम पर ही उसके घर का चूल्हा जलता है।