सिखेड़ा के गांव भिक्की में घरों में ही मुहर्रम मनाने शिया सोमवार।
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सिखेड़ा। शिया सोगवार कोरोना काल में घर पर रहकर करबला के शहीदों को याद किया। इस वर्ष कोरोना महामारी की वजह से जुलूस के साथ ताजिए निकालने की अनुमति नहीं मिल पाई है, जिस कारण शिया सोगवार करबला के शहीदों को घर पर ही याद कर रहे हैं। प्रतिवर्ष मुहर्रम की 10 तारीख को करबला के शहीदों की याद में शिया सोगवारों द्वारा मातम कर ताजियों के साथ जुलूस निकाला जाता है, लेकिन इस बार देखने में ऐसा नहीं आ रहा है। गांव भिक्की के शिया सोगवार आबिद अब्बास व नजर मोहम्मद उर्फ नजरू मियां, जिया अब्बास, आबिद अब्बास, साजिद अब्बास, नवाजिश अब्बास, वाजिद अब्बास, हसन अब्बास, असगर मेहंदी, वाजिद अब्बास एडवोकेट, सादिक, शोजब, गुड्डू रहबर, शेर अब्बास, अली अब्बास रजा, नादिर अब्बास आदि तथा गांव बिहारी में जफर आलम, मोहम्मद हसनैन एडवोकेट, शहनाज आलम और अफजाल कुरैशी ने घर पर गमजदी की।