स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के नेत्र विभाग में रिश्वत प्रकरण में आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट को लिखित बयान दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारी को दिए गए बयान में मास्टर विजय सिंह ने नेत्र विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की करतूत का खुलासा किया है। बयान में कहा कि ऑपरेशन के लिए रिश्वत मांगी गई, विरोध करने पर उसे इंजेक्शन लगा दिया गया। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग भी गहनता से जांच पड़ताल में जुट गया है। बुधवार तक प्रशासन ने रिपोर्ट मांगी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कचहरी में 23 साल से धरना दे रहे मास्टर विजय सिंह से जिला चिकित्सालय में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए एक हजार रुपये का सुविधा शुल्क मांगा गया था। सोमवार को मास्टर विजय सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को लिखित में अपना बयान दिया है। बयान में मास्टरजी ने कहा कि 28 सितंबर को वह आंख के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय गए थे, जिसमें एक रुपये की पर्ची (पंजीयन संख्या 0275252) बनवाई गई। नेत्र विभाग में डॉ एमके सैन से चेकअप कराया। जांच के बाद उन्हें छह अक्तूबर को आप्रेशन करने की तिथि दी गई।
छह अक्टूबर को जब वह अस्पताल पहुंचे तो वहां नेत्र विभाग में पहले उनका ब्लड प्रेशर चेक किया गया, उसके बाद आंख में दवाई डालकर कुछ कागजों पर साइन कराए गए। ऑपरेशन से पहले ही एक हजार रुपये मांगे गए, इंकार करने पर उन्हें बेहोशी का इंजेक्शन दे दिया गया, जिससे उनकी तबियत अधिक बिगड़ गई। बाकायदा, पूरे घटनाक्रम को मास्टर विजय सिंह ने अधिकारियों को लिखित में दिया है। जिसके आधार पर सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच-पड़ताल तेज कर दी है।
उधर, स्वास्थ्य विभाग भी एसीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा ने कहा कि इस प्रकरण की गहनता से जांच-पड़ताल चल रहा है। प्रशासन ने मामले में अगले 24 घंटे में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। रिश्वतकांड में अस्पताल के कई अन्य कर्मचारी और अधिकारियों पर भी गाज गिरने के आसार बढ़ गए हैं। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, जिला चिकित्सालय में रिश्वत प्रकरण को लेकर अपना दल के पदाधिकारियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अनुप्रिया पटेल को शिकायत भेजी है।