- 35 अधिकारियों और कर्मचारियों का स्टाफ
- मकानों के भी दो माह में केवल 42 मानचित्र स्वीकृत हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। एमडीए में बीते छह माह में 77 अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चला, मुकदमे हुए। 11 लोगों ने काॅलोनी का नक्शा पास कराने के लिए आवेदन किया, लेकिन इनमें से सिर्फ एक को ही स्वीकृति मिली। यही नहीं मकानों के मानचित्र भी दो माह में 42 ही पास हुए।
एमडीए की कार्यप्रणाली हमेशा सुर्खियों में रहती है। बीते छह माह में एमडीए ने अवैध काॅलोनियों के खिलाफ अभियान चलाया। 77 काॅलोनियों पर बुलडोजर चलाया गया और काॅलोनाइजर पर मुकदमे दर्ज कराए गए। सभी काॅलोनाइजर ने जनप्रतिनिधियों के सामने शिकायत की थी। विभाग में 11 लोगों ने मानचित्र पास कराने के लिए आवेदन किया। मानचित्र पास कराने का मामला विभागों में उलझ गया। छह माह में देवभूमि काॅलोनी का ही मानचित्र पास हुआ है। आधे साल में एक नक्शा पास होना सवाल खड़े करता है।
बैठक के नाम पर होती रही खानापूर्ति
एमडीए में बीते दो माह में हर आठवें दिन मानचित्र पास कराने को लेकर बैठक होती रही। विभागीय अधिकारियों ने इन बैठकों में केवल औपचारिकता पूरी की जा रही हैं। विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष आईएएस कविता मीणा हैं। यहां सचिव पीसीएस अधिकारी आदित्य प्रजापति हैं। इसके अलावा अधिशासी अभियंता, एई, जेई, लिपिक एवं अन्य स्टाफ शामिल है।
हम लगातार कर रहे प्रयास : सचिव
एमडीए सचिव आदित्य प्रजापति का कहना है कि हम प्रयास कर रहे हैं कि लोग अधिक से अधिक मानचित्र पास कराएं। जागरूकता के लिए बैठकों का आयोजन हुआ।