छपार। क्षेत्र में बरला-बसेड़ा मार्ग पर पड़ी राख में कई लोग झुलस गए। लोगों का कहना है कि राख जानलेवा हो सकती है। उन्होंने राख हटवाने की मांग भी की। लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्राॅली में राख लेकर चलते समय वह उड़कर फसलों को नुकसान करती है। राख चारे को खराब कर देती है, जिससे पशु बीमार होते हैं।
एक सप्ताह पूर्व बरला का किशोर सौरभ पुत्र रामकिशन खेत में चारा लेने जा रहा था, रास्ते में पड़ी राख के ऊपर से गुजरा तो उसके दोनों पैर जल गए थे। तीन दिन पूर्व कुटेसरा निवासी किशोरी मुस्कान अपने नाना अकबर के घर आई हुई थी, वह अपने नाना को मकान की चाभी देने हाईवे पर आई तो वहां पड़ी राख से उसके हाथ-पैर बुरी तरह झुलस गए। छह माह पूर्व सलमान व पितमो झुलस चुके हैं। यही नहीं एक कूड़ा बीनने वाला बुरी तरह झुलस गया था। अभी भी बरला बसेड़ा मार्ग के किनारे राख डाली जा रही है, लेकिन पुलिस-प्रशासन अनदेखी कर रहा है।