खतौली (मुजफ्फरनगर)। उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद भी रेलवे महकमा अपनी लापरवाही से बाज नहीं आ रहा है। तहसील के पास रेलवे ट्रैक के नट और बोल्ट ढीले हो गए। इसी ट्रैक से मंगलवार की रात एक्सप्रेस सहित करीब 18 रेलगाड़िय़ां धड़ाधड़ गुजरी। सुबह भी बिना ट्रैक ठीक किए ट्रेनें अपने गंतव्य स्थान की ओर निकाली जाती रही। गैंगमैनों को बुधवार शाम को इसका पता चला।
तहसील के सामने 19 अगस्त को भीषण उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा हुआ था। इस हादसे में 26 यात्रियों की जान चल गई थी तथा करीब 100 यात्री घायल हुए थे। इस हादसे के बाद भी रेलवे विभाग पूरी तरह से सतर्क नहीं हुआ है। अगस्त में जिस जगह उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा हुआ था, उस जगह से चंद कदमों की दूरी पर मंगलवार रात रेलवे ट्रैक के नट व बोल्ट ढीले हो गए। रात में रेलवे विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। इस कारण रात में शालीमार, इंटरसिटी, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, मालगाड़ी सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें रेलवे ट्रैक से धड़ाधड़ गुजरती रहीं।
रेलवे विभाग की घोर लापरवाही के बावजूद बुधवार को भी दिनभर ट्रैक से ट्रेनों का संचालन होता रहा। रेलवे विभाग के किसी कर्मचारी को इसकी भनक तक नहीं लगी। गैंगमैनों को शाम के समय नट व बोल्ट ढीले होने का पता चला। इसके बाद गैगमैनों ने नट और बोल्टों को कसा। स्टेशन मास्टर राजेंद्र कुमार का कहना है कि उनको इसके बारे में जानकारी नहीं है। अक्सर नट-बोल्ट ढीले होते रहते हैं। इससे ट्रेनों को कोई खतरा नहीं होता है। गैंगमैन रेलवे ट्रैक को चेक करते रहते हैं। वे ही ट्रैक के नट-बोल्ट कस देते हैं।