पीएम आवास योजना की सूची में नाम ढूंढने में आवेदकों को सर्दी में भी पसीने आ गए। पालिका प्रांगण में चस्पा सूची में अपना नाम देखने के लिए हजारों लोग पहुंच गए। पात्रता की जांच कर रही कंपनी ने सूची अंग्रेजी में चस्पा की। हिंदी जानने वाले लोग दीवारों पर चिपके कागजों को ही देखते रहे। 31 हजार लोगों की सूची में अपना नाम ढूंढना लोगों के लिए मुश्किल हो गया।
शुक्रवार सुबह से ही नगर पालिका प्रांगण में पीएम आवास योजना की सूची में अपना नाम देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। शहर में 31 हजार से अधिक लोगों ने योजना में आवास के लिए आवेदन किया है। पात्रता की जांच कर रही विजन कंपनी ने जांच के बाद सूची नगर पालिका के प्रांगण में लगा दी है। इसमें योजना के लिए पात्र और रिजेक्टेड एवं पेंडिंग सभी की सूची एक साथ चस्पा कर दी गई।
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नामों की सूची लगने से आवेदक भ्रमित हो गए। शहर की गरीब जनता जहां बड़ी संख्या में अनपढ़ है, वहीं जो पढ़ा-लिखा है वह हिंदी जानता है। ऐसे में कंपनी द्वारा सभी सूची अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित कर देेने से आम आदमी को अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
अंग्रेजी में अपना नाम पढ़ने वाले के लिए भी इतनी बड़ी संख्या में अपना नाम ढूंढना टेढ़ी खीर साबित हो गया, जिस स्थान पर सूची लगाई गई उक्त स्थान पर जनता को सही जानकारी देने के लिए न तो विजन कंपनी ने ही किसी व्यक्ति की ड्यूटी लगाई और न ही नगर पालिका ने कोई व्यवस्था की।
हजारों लोग दिनभर अपना नाम तलाशने के लिए भटकते रहे, लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाई। जो लोग नाम देखने पहुंचे उनमें बीस प्रतिशत को भी सही जानकारी नहीं मिल पाई। घरों में झाडू पौछा लगाने वाली शांति ने बताया कि छह घंटे तक परेशान होकर उसे पता नहीं लगा कि उसे मकान मिलेगा या नहीं। यही स्थिति अन्य महिलाओं की भी रही। नाम देखने आए रामशरण बताया कि उस पर अंग्रेजी नहीं आती अब वह नाम कैसे देखे।
कंपनी के कर्मचारियों को घेरा
मुजफ्फरनगर। सूची में नाम नहीं मिलने और सामने आ रही परेशानियों से तंग लोगों ने टाउन हाल में बैठे विजन कंपनी के कर्मचारियों को घेरे रखा। कर्मचारियों ने कुछ लोगों को उनके आधार कार्ड आदि से उनकी पात्रता बताने का काम भी किया, लेकिन भीड़ ज्यादा हो जाने से अव्यवस्था की स्थिति बन गई। कंपनी के कर्मचारी भी डरे हुए नजर आए।
सोमवार तक प्रतिदिन बैठेंगे कर्मचारी
मुजफ्फरनगर। डूडा के परियोजना अधिकारी धन प्रकाश ने बताया कि जिन लोगों को सूची में अपना नाम नहीं मिल पाया है, वह परेशान न हों। विजन कंपनी के कर्मचारी सोमवार तक प्रतिदिन नगर पालिका में बैठेंगे। पांच दिन के लिए संशोधन का कार्यक्रम रखा गया है। किसी की पात्रता में संशोधन होगा तो वह किया जाएगा। कर्मचारी आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, एकाउंट नंबर के आधार पर ही पात्रता की जानकारी दे देंगे। प्रत्येक व्यक्ति को उसकी पात्रता के बारे में बताकर संतुष्ट किया जाएगा।