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12 साल पहले छात्र की हत्या के मामले में दो आरोपियों को उम्रकैद

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मुजफ्फरनगर। शहर के दक्षिणी सिविल लाइन क्षेत्र में 12 साल पहले छात्र की हत्या के मामले में दो आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी तृतीय के न्यायाधीश अनिल कुमार ने फैसला सुनाया।
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मूल रूप से बरवाला गांव निवासी और जाट कॉलोनी में रहे एसआई रामपाल सिंह के इकलौते बेटे राहुल की 13 अगस्त 2010 को शाम चार बजे नाई की दुकान से बाल कटवाकर वापस लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के चाचा ने आरोपी कुटबा निवासी अजीत, सूरज विहार निवासी हिमांशु, बंटी, अंकुर उर्फ तोता समेत छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। हिमांशु के नाबालिग होने के कारण पत्रावली अलग कर दी गई। एक आरोपी अजित ने ट्रायल के दौरान आत्महत्या कर ली थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कमलकांत ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी तृतीय के न्यायाधीश अनिल कुमार ने सुनवाई की। अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। अभियुक्त मूल रूप से राजपुर तिलौरा और हाल में सूरज विहार निवासी बंटी उर्फ विनीत, तितावी के दूधाधारी खेड़ी निवासी अंकुर उर्फ तोता को धारा 302 में उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर दो-दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। धारा 147 में दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
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यह हुआ था विवाद
वारदात से दो दिन पहले छात्र राहुल की बाइक की साइड लग जाने के कारण सूरज विहार निवासी हिमांशु के साथ कहासुनी हो गई थी। इसी रंजिश को लेकर दो दिन नाई की दुकान से लौटते वक्त राहुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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