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एलआईसी कर्मियों ने की हड़ताल

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केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन करती एलआईसी कर्मचारी - फोटो : DEVBAND
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एलआईसी कर्मियों ने की हड़ताल
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देवबंद (सहारनपुर)। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल पर रहकर केंद्र सरकार के प्रस्तुत में बजट में निगम के विनेवशीकरण का प्रस्ताव लाने के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध व्यक्त किया।
ऑल इंडिया एलआईसी इंप्लाइज फेडरेशन के महासचिव किशोर कुलश्रेष्ठ ने कहा सरकार का यह जनविरोधी कृत्य देश की जनता के साथ धोखा है। पिछले 20 वर्षों के दौरान कई कंपनियां जनता का पैसा लूटकर चंपत हो गई, परंतु सरकार कुछ नहीं कर पाई। भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई है, तब से ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को बेचकर अपने बजट घाटे को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने बजट में एलआईसी को बेचने का प्रावधान किया है। जबकि एलआईसी प्रतिवर्ष करीब तीन लाख करोड़ की धनराशि सरकार की नीतियों के मुताबिक निवेश करती है। लाखों करोड़ों की नेटवर्क वाली कंपनी को सरकार बेचना चाहती है, जो समझ से परे है। अखिल भारतीय एससी/ एसटी कल्याण संघ के क्षेत्रीय संगठन सचिव सुलेख चंद ने कहा आईपीओ से तो केवल नौकरी की टर्म कंडीशन पर फर्क पड़ता, परंतु इंश्योरेंस पर टैक्स में छूट खत्म करने से बिजनेस पर फर्क पडे़गा।
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उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आईडीबीआई और अन्य संस्थानों को बेचा जा रहा है। इसकी शुरूआत सरकार बीपीसीएल, एयर इंडिया और बीएसएनएल को बेचकर कर चुकी है। मंडलीय संरक्षक अतुल कौशिक ने कहा बीमा उद्योग का राष्ट्रीयकरण करने के पीछे केंद्र सरकार की मंशा थी कि प्राइवेट कंपनियां जनता का पैसा लूटकर भाग जाती थी, लेकिन आज सरकार जनता का पैसा लूटने के लिए एलआईसी का विनेवशीकरण करने जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में धर्मेंद्र कुमार, संजय कुमार, रुचि, सुरेंद्र कुमार, मुनेश त्यागी, सुरेश चौहान, अनिल त्यागी, संजीव शर्मा, नरेश कुमार, पूनम, श्रीचंद, जोनी कुमार, धर्म सिंह आदि रहे।
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