सहारनपुर, देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि जमीयत की हमेशा से यह मांग रही है कि सभी धर्मों के पेशवाओं (महापुरुषों) के मान-सम्मान की रक्षा के लिए एक कानून बनाया जाए। जिससे इस तरह के भड़काऊपन का समाधान हो सके। उन्होंने बताया कि इस मामले में जमीयत ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की हुई है कि सुप्रीम कोर्ट अपने द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए सरकारों को मजबूर करे।
मौलाना महमूद मदनी ने भाजपा के विधायक ठाकुर राजा सिंह के पैगंबर मोहम्मद साहब के अपमान के कृत्य को बेहद शर्मनाक और खेदजनक बताया है। यह देश के लिए भी अमर्यादित और दुनिया में बदनामी का कारण है कि सत्ताधारी दल के लोग ऐसी नापाक हरकतों को दोहरा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह परिस्थितियों की संवेदनशीलता को समझे और इस संबंध में सख्त कदम उठाने से न हिचकिचाए। उन्होंने राजा सिंह की गिरफ्तारी और पार्टी के जरिए की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को समय की आवश्यकता बताया और कहा कि ऐसे अपराधियों को वास्तविक तौर पर सजा दी जाए, ताकि इसका समाधान हो सके। साथ ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाए जो स्वीकार करते हैं कि उन्होंने मॉब लिंचिंग के जरिए हत्या की है।