ऐसे तो बड़ी आबादी रह जाएगी टीकाकरण से वंचित
मुजफ्फरनगर। एक साल से कोरोना महामारी से जूझ रहे नागरिकों को अब कोरोना वैक्सीन के रूप में संजीवनी मिल गई है। स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण प्रारंभ हो गया है। विशेषज्ञों ने शुगर, हृदय रोगी, उच्च रक्तचाप और गर्भवती महिलाओं को भी टीके नहीं लगवाने की सलाह दी है। ऐसे में भी एक बड़ी आबादी कोरोना वैक्सीन से वंचित रह जाएगी।
कोरोना के खिलाफ टीकाकरण का महाभियान 16 जनवरी से शुरू हो चुका है। सभी को टीके लगने की उम्मीद है। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई जा रही। दूसरे चरण में पुलिसकर्मियों, सफाई कर्मियों आदि को टीके लगाए जाएंगे। तीसरे चरण में पचास साल से ऊपर के नागरिकों का टीकाकरण करने का सरकार ने निर्णय लिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक बीमार हृदय रोगी, शुगर रोगी, एलर्जी पीड़ित, हाईबीपी वाले, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं अभी टीका न लगवाएं। मौजूदा समय में 50 साल से ऊपर उम्र वाले करीब 60 प्रतिशत नागरिक किसी न किसी बीमारी से पीड़ित रहते हैं। अब ऐसी स्थिति में एक बड़ी आबादी टीकाकरण से वंचित रह जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की संख्या 41704 है। स्वास्थ्य विभाग ने हाल में दो बार मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ मेलों का आयोजन किया। जिसमें शुगर के 549 रोगी, एलर्जी के 1222 रोगी, हाईपरटेंशन के 259 रोगियों को चिह्नित किया गया। जिले भर में ऐसे मरीजों की संख्या बहुत बड़ी हो सकती है।
बीमार, शुगर-हार्टपेेशेंट, गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाओं का टीकाकरण नहीं कराया जाएगा। वैक्सीनेशन को लेकर सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही टीकाकरण किया जाएगा।
- डॉ प्रवीण चोपड़ा, सीएमओ