भोपा थाने में थाना प्रभारी की मेज पर बैठा लंगूर।
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर के भोपा थाने में आजकल लंगूर का राज चल रहा है, जिससे पुलिस वाले भी दहशत खाते हैं। एक पुलिस कर्मी के साथ दो लठैत चलते हैं। हालात इस तरह के हैं कि लगता है कि लंगूर ही अब थाने का कोतवाल बना हुआ है। उसके आते ही थाना परिसर में सन्नाटा पसर जाता है। यह लंगूर अब तक छह लोगों पर हमला भी कर चुका है।
पुलिस की वर्दी को देखकर बड़े से बड़ा बदमाश डर जाता है, मगर भोपा थाने की कहानी कुछ अलग है। यहां थाना प्रभारी का राज कम, लंगूर का राज ज्यादा चलता है। आलम है कि थाने में घुसने से पूर्व पुलिस कर्मी पहले मुंशियों से लंगूर की लोकेशन पता करते हैं। इसके बाद ही थाने में घुसने की हिम्मत जुटाते हैं। थाना परिसर के पीछे शौचालय बना हुआ, जिसमें जाने के लिए पुलिसकर्मियों को अपने साथ दो लठैतों को ले जाना पड़ता है। थाना परिसर के आवासों में छुट्टी बिताने आने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों की पहरा देकर सुरक्षा करनी पड़ रही है। पता नहीं लंगूर कब आ जाए और हमला कर दे।
लंगूर कई लोगों को हमला करके लहूलुहान कर चुका है। बुधवार को थाने के होमगार्ड विरेंद्र की वर्दी फाड़ कर उसे जख्मी कर दिया था। वन विभाग के अधिकारियों को लंगूर को पकड़ने के बारे में कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई नहीं वन कर्मी थाने में नहीं आया। - डॉ. बीपी सिंह, थाना प्रभारी, भोपा।
अफजलगढ़, हरियाणा में लंगूर व बंदर पकड़ने वाली टीम से संपर्क किया गया था। टीम ने लंगूर को पकड़ने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की है। वन विभाग में इसका कोई बजट नहीं आता है। इस लंगूर को वन विभाग टीम ने पूर्व में भी जंगल में भगा दिया था। शीघ्र ही लंगूर पकड़ने या भगाने का समाधान किया जाएगा। - सिंहराज सिंह पुंडीर, वन क्षेत्र अधिकारी मोरना।