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लाड़ले जिद्दी हैं, आप तो समझदार बनिए

Sat, 24 Feb 2018 12:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
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traffice rule - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। शहर से लेकर देहात में नाबालिगों के हाथ में रफ्तार के स्टेयरिंग हैं। लाड़कों की जिद के आगे अभिभावक भी नतमस्तक हैं। नतीजा, लाड़लों की जिंदगी और परिवार पर भारी पड़ रहा है। नादान उम्र में युवा रफ्तार का ख्याल नहीं रख रहे हैं। साथ ही बगैर हेलमेट और यातायात के नियमों का उल्लंघन कर फर्राटा भर रहे हैं। अब तक हुए हादसों का सबब यातायात नियमों का उल्लंघन सामने आया है।
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यातायात के नियमों का पालन कराने और हेलमेट, सीट बेल्ट के प्रयोग को लेकर हर सप्ताह (बुधवार) को चेकिंग अभियान चलता है। मगर, अफसरों का खौफ ऐसा है कि लोगों को चालान कटवाना मंजूर है, लेकिन यातायात के नियमों का पालन गंवारा नहीं है।

खतौली में हादसे का शिकार हुए दोनों युवक नाबालिग थे और स्कूटी पर बिना हेलमेट के सवार थे। अब सवाल है कि लाड़ले वाहन चलाने के जिद्दी हैं तो अभिभावकों को समझदार होना पड़ेगा। शहर के मालवीय चौक, सहारनपुर अड्डा, मीनाक्षी चौक, सरकुलर रोड, रुड़की रोड, मेरठ रोड, जानसठ, भोपा रोड पर बिना हेलमेट के नादान उम्र के युवकों को स्कूटी, बाइक में फर्राटा भरते हुए देखा जा सकता है। जिन्हें रफ्तार का ख्याल तक नहीं है। इतना ही नहीं, ट्रिपलिंग और चार-चार लोगों को बैठाकर वाहनों का दौड़ाया जा रहा है। युवा हवा में उडने वाली स्टाइल में गाड़ी काफी तेज गति से चलाते हैं तथा उसे लहराते हुए भी चलाते हैं। इससे दुर्घटना का हमेशा भय बना रहता है।
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लापरवाही से मिल रही खुली छूट
मुजफ्फरनगर। यातायाता विभाग के सिपाही हर चौराहे, तिराहे पर तैनात, लेकिन बाइक, स्कूटर के कागजों की जांच होती है। जबकि नाबालिग युवा पुलिस, यातायात अफसरों के सामने वाहन दौड़ा रहे हैं। जिनकी धरपकड़ के लिए विभाग के पास कोई कार्रवाई नहीं है।

स्कूलों तक चले अभियान तो बने बात
मुजफ्फरनगर। यातायात के नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस-प्रशासन को छात्र-छात्राओं के बीच कार्यशालाएं करानी होगी। स्कूलों तक अभियान चलाना पड़ेगा। स्कूल प्रबंधक, अभिभावकों को भी सुधार के लिए जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी, तभी बात बन सकती है।
ऐसे करें नियमों का पालन
-औसत गति से वाहन चलाएं।
- हेलमेट और सीट बेल्ट बांधे।
- शराब पीकर गाड़ी न चलाएं।
- वाहन चलाते समय फोन पर बातें न करे।
- यातायात सिग्नल का पालन कर चले।
- रांग साइड से वाहन कतई न चलाए।
- नाबालिगों के हाथ में वाहन न दें अभिभावक
- स्कूल प्रबंधक भी वाहनों पर लगाए ब्रेक
- छात्र-छात्राओं को दें नियमों की जानकारी।

अभियान से आएगी जागरूकता
निर्धारित आयु (18 वर्ष) से कम के बच्चों को वाहन नहीं चलाना चाहिए। इसके लिए परिजन पहले सचेत हो। बच्चों, अभिभावकों में जागरूकता के लिए शहर के इंटर, डिग्री कालेजों में अभियान, गोष्ठी कराई जाएगी। एआरटीओ, ट्रैफिक विभाग को निर्देशित किया जाएगा। - राजीव शर्मा, जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर।

अभिभावक भी जागरुक हों
बिना हेलमेट किसी को वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। इसे लेकर अभिभावकों, स्कूलों को नोटिस दिए जा रहे हैं। नाबालिग बच्चों को वाहन देने से पहले अभिभावक भी जागरूक हों। बच्चों को समझाएं और अपनी निगरानी में स्कूल या अन्य स्थान पर वाहन लेकर जाएं। - बीबी चौरसिया, एसपी ट्रैफिक, मुजफ्फरनगर।

स्कूल प्रशासन बरते सावधानी
पहले अभिभावकों को सजग होने की जरूरत है। उसके बाद स्कूल प्रबंधक भी बिना हेलमेट, लाइसेंस के वाहन चलाने पर छात्रों की एंट्री रोके तो काफी हद तक सुधार आ सकता है। वह भी अपने स्तर से प्रयास में लगे हैं।- सुरेंद्र कुमार सिंह, एआरटीओ प्रर्वतन, मुजफ्फरनगर।
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