अपहरण के दोषी को आठ साल की सजा
मुजफ्फरनगर। अदालत ने किशोरी का अपहरण करने के मामले में दोषी को आठ साल का कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुकदमे के सत्र परीक्षण के दौरान दो आरोपियों की मृत्यु हो गई थी। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) के पीठासीन अधिकारी बाबूराम ने फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक दिनेश कुमार शर्मा एवं मनमोहन वर्मा ने बताया जून वर्ष 2013 में तितावी थाना क्षेत्र के गांव से जान से मारने की धमकी देते हुए एक किशोरी को अगवा कर लिया था। पीड़िता उस वक्त अपने घर पर मौजूद थी। घटना की गांव ऊंचा गांव थाना कैराना निवासी ओमकार उर्फ योम, उसकी पत्नी कमलेश और दो पुत्रों मिंटू एवं सुरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) के पीठासीन अधिकारी बाबूराम की अदालत में मामले का परीक्षण हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह प्रस्तुत किए गए। मुकदमे के परीक्षण के दौरान आरोपी कमलेश और मिंटू की मौत हो गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद ओमकार उर्फ योम को दोषी करार दिया। उसे आठ साल की सजा और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना सुनाई।