संवाद न्यूज एजेंसी
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। छात्र की पिटाई के मामले में बंद चला आ रहा खुब्बापुर गांव का स्कूल सोमवार को पुराने भवन में एक घंटे के लिए खुला। एक शिक्षिका और 30 बच्चे स्कूल पहुंचे। आरोपी शिक्षिका को स्कूल से दूर रखा गया है। इस दौरान गण्यमान्य लोगों ने भी स्कूल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। अल्पसंख्यक आयोग में मामले की सुनवाई छह सितंबर को होनी है।
पिछले महीने 24 अगस्त को अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की पिटाई के बाद वीडियो वायरल हो गई थी। तब से गांव का स्कूल बंद चला आ रहा था। आरोपी शिक्षिका तृप्ता त्यागी के खिलाफ एनसीआर दर्ज हुई थी, जिसकी जांच चल रही है। सोमवार को आरोपी शिक्षिका को संस्थान से दूर रखा गया और यहां दूसरी शिक्षिका ने स्कूल का संचालन किया। करीब एक घंटे तक बच्चों ने पढ़ाई की। तृप्ता त्यागी को जांच पूरी होने तक अभी शिक्षण कार्य से दूर रखा गया है।
उधर, उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय सभा के ब्लॉक अध्यक्ष सत्य प्रकाश त्यागी, क्षेत्रीय त्यागी समाज के अध्यक्ष संजीव त्यागी, पूर्व प्रधान दुष्यंत त्यागी, हरिओम त्यागी, मारूफ साबिर आदि ग्रामीण उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को विद्यालय विधिवत रूप से खुलेगा सोमवार को विद्यालय में 30 छात्र पहुंचे थे। स्कूल को घर के बजाय पुराने भवन में ही संचालित किया गया है।
क्या है मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर बृहस्पतिवार को अल्पसंख्यक समुदाय के यूकेजी के छात्र की सहपाठियों से बेरहमी से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना ली। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर केस दर्ज हो चुका है।
खुब्बापुर गांव में किस दिन क्या हुआ
- 24 अगस्त : पहाड़ा नहीं सुनने पर छात्र को पिटवाया।
- 25 अगस्त : वीडियो वायरल, पुलिस ने जांच शुरू की।
- 26 अगस्त : शिक्षिका पर केस, सुलह भी कराई गई।
- 27 अगस्त : पीडि़तों ने कहा, लड़ेंगे कानूनी लड़ाई।
- 28 अगस्त : मुस्लिम समाज की पंचायत बेनतीजा।
- 29 अगस्त : यू-ट्यूबर जुबैर के खिलाफ मुकदमा।
- 30 अगस्त : माकपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा।
- 31 अगस्त : पुलिस ने वीडियो की जांच आगे बढ़ाई।
- 01 सितंबर : एबीएसए ने लिए शिक्षिकाओं के बयान।
- 02 सितंबर : अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखा गया।
- 03 सितंबर : रविवार के चलते स्कूल बंद रहा।
- 04 सितंबर : एक घंटे के लिए खुला स्कूल।