छात्र के परिजनों से मुलाकात करती सुभाषिनी अली
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मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के खुब्बापुर गांव के लोग अब थप्पड़ प्रकरण को भूल जाना चाहते हैं। लोग अपने कार्यों में व्यस्त होने लगे हैं। लेकिन जैसे ही यहां बाहर से लोगों का आवागमन बढ़ता है तो गांव में बेचैनी बढ़ जाती है।
गांव की दिनचर्या पटरी पर लौट रही है। वायरल वीडियो के बजाय यहां के लोग भाईचारे की बात अधिक कर रहे हैं। एहतियात के लिए गांव में पुलिस तैनात की गई है। पुलिसकर्मी गांव में सुबह-शाम गश्त कर रही है। ग्रामीण यहां आने वाले लोगों पर भी नजर रख रहे हैं। उधर, गांव का स्कूल तीसरे दिन भी बंद रहा। शुक्रवार तक स्कूल पर निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।
अब तक क्या हुई कार्रवाई
खुब्बापुर प्रकरण में अब तक एक मुकदमा और एक एनसीआर दर्ज हुई है। वीडियो वायरल कर बच्चे की पहचान उजागर करने के मामले में मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। जबकि आरोपी शिक्षिका के खिलाफ एनसीआर दर्ज हुई है। मानवाधिकारी आयोग और अल्पसंख्यक आयोग ने भी प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।
यह था पूरा मामलाखुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर 24 अगस्त को अल्पसंख्यक समुदाय के यूकेजी के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इस दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना ली। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठ रही है। आरोपी शिक्षिका पर केस दर्ज हो चुका है।
जमीयत के पदाधिकारी पहुंचे स्कूल
पीड़ित छात्र का अभी प्रवेश नहीं हो सका है। जमीयत के पदाधिकारियों ने शाहपुर के स्कूल में पहुंचकर प्रबंधक से गांव से आवागमन के लिए वाहन की जानकारी जुटाई। स्कूल का कहना है कि गांव से कोई वाहन स्कूल के लिए नहीं आता है। एक सितंबर को यहां प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। जमीयत ने पीड़ित परिवार की मदद का भरोसा दिया और बच्चे को शिक्षित कराने की पहल की है।