खुब्बापुर प्रकरण
- बीएसए शुभम शुक्ला ने शारदेन विद्यालय पहुंचकर जताई नाराजगी
- विद्यालय को तत्काल प्रभाव से दाखिला किए जाने के निर्देश दिए
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक खुब्बापुर थप्पड़ कांड के पीड़ित छात्र का दाखिला नहीं हो सका। दस्तावेजों के फेर में दाखिले की प्रक्रिया अधर में लटकी है। बीएसए शुभम शुक्ला ने विद्यालय पहुंचकर नाराजगी जताई और शारदेन स्कूल को नोटिस दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद शारदेन स्कूल में शुरु हुई प्रवेश प्रक्रिया शुक्रवार को भी पूरी नहीं हो सकी है। पीड़ित छात्र के पिता का कहना है कि स्कूल ने छात्र के कोविड वैक्सीनेशन का प्रमाणपत्र, टीसी, जाति प्रमाणपत्र, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की मांग की थी। केवल वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र के अभाव में दाखिला नहीं दिए जाने का आरोप है। शुक्रवार को लखनऊ से अधिकारियों ने बीएसए शुभम शुक्ला से बात की और प्रवेश के विषय में पूछा। इसके बाद बीएसए शारदेन स्कूल पहुंचे। उन्होंने विद्यालय को तत्काल प्रभाव से दाखिला किए जाने के निर्देश दिए। बीएसए ने बताया कि स्कूल को नोटिस दिया गया है। संभवतः शनिवार को दाखिला हो जाएगा।
दाखिले के लिए कटवाए जा रहे चक्कर
छात्र के पिता इरशाद ने आरोप लगाया कि उन्हें दाखिले के नाम पर चक्कर कटवाए जा रहे हैं। कभी टीसी की बात कही जाती है, तो कभी वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र मांगा जाता है। उन्होंने कहा कि परिवहन खर्च भी एफिडेविट लेकर उन पर ही थोप दिया गया। स्कूल भी बार-बार उनसे फीस, किताब आदि के खर्च के लिए बोलता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी दाखिले में लापरवाही बरती जा रही है। बीएसए ने शनिवार को दाखिला होने का भरोसा दिलाया है।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। खुब्बापुर गांव के पीड़ित छात्र का अभी तक किसी स्कूल में प्रवेश नहीं हो सका है। महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसका सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।
अपना पक्ष रखने से बचता रहा स्कूल
मेरठ रोड स्थित शारदेन स्कूल में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। बच्चे की उम्र को देखते हुए पहले कक्षा दो में प्रवेश की बात की गई। शुक्रवार को मीडियाकर्मी पहुंचे तो स्कूल ने मुख्य गेट पर सबको रोक दिया। स्कूल ने इस मामले में अभी तक अपना पक्ष नहीं रखा है।