भाकियू कार्यकर्ताओं से बात करते आरपीएफ अधिकारी।
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खतौली में रेलवे द्वारा अधिग्रहीत की गई जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर भाकियू के दो सितंबर को ट्रैक पर धरना देने की घोषणा से अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। धरने वाले दिन ट्रेनों का रूट डायवर्जन किए जाने का चार्ट तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में मंगलवार को आरपीएफ इंस्पेक्टर ने टीम के साथ भैंसी पहुंच कर जिलाध्यक्ष से धरना वापस लेने के लिए वार्ता की। आधा घंटा तक चली वार्ता विफल हो गई। भाकियू अपनी घोषणा पर अडिग है।
जनपद के 26 ग्रामों के किसानों की करीब 11 लाख वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जिसके अकृषि सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग को लेकर किसान आंदोलन की राह पर है। इस मामले को लेकर सोमवार को रेल अधिकारियों तथा भाकियू के बीच तहसील में चली मैराथन वार्ता विफल हो गई थी।
इसके बाद जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने पूर्व में की गई घोषणा के अनुसार ही दो सितंबर को रेल ट्रैक पर धरना देने घोषण कर दी थी। इस घोषणा से रेलवे अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। मंगलवार को आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनी शर्मा ने टीम के साथ गांव भैंसी पहुंच कर जिलाध्यक्ष से वार्ता कर धरना वापस लेने की बात कही, मगर भाकियू जिलाध्यक्ष ने धरना प्रदर्शन वापस लेने से इंकार कर दिया।
धरने को सफल बनाने को जनसंपर्क शुरू
जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि जब तक किसानों को भूमि का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने को सफल बनाने को अलग-अलग टीमों को भेज कर जनसंपर्क शुरू कर दिया है। धरने पर भारी संख्या में किसान जुटेंगे।