- सोलानी नदी की बाढ़ से परेशानी खादर क्षेत्र के लोगों ने लिया फैसला
- सरकार को 19 अगस्त तक निर्णय किए जाने का समय दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी। सोलानी नदी की बाढ़ से परेशान खादर क्षेत्र के ग्रामीणों ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। बांध समिति का गठन की गई है। सरकार को 19 अगस्त तक निर्णय करने का समय दिया है। 18 अगस्त को खादर क्षेत्र में महापंचायत होगी, जिसमें बांध नहीं बनवाया गया तो 20 अगस्त से निर्णायक लड़ाई शुरू की जाएगी।
रविवार को गांव शेरपुर के गुरुद्वारा परिसर में क्षेत्र के लोगों की सभा हुई। खादर क्षेत्र में विकराल रूप धारण कर चुकी बाढ़ को लेकर खादर बांध समिति का गठन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सोलानी नदी में उत्तराखंड से पानी छोड़े जाने के कारण प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपयों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। वहीं, महीनों तक क्षेत्रवासियों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। खादर क्षेत्र के लोग पिछले कई वर्षों से सोलानी नदी का बांध बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन मांग पूरी नहीं हो पाई है।
विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया कि इस समस्या से निजात पाने सोलानी नदी पर बांध बनवाने के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा। सरकार को 19 अगस्त तक का समय दिया गया। समिति गठित कर समिति का विस्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस दौरान देविंदर खालसा, गुरमीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, बूटा सिंह, बलिहार सिंह, सुनील कुमार बारी, बिजेन्द्र रजकल्लापुर, मुनेश चमरावाला, विनोद कुमार, डॉ मुनेश कुमार, प्रमोद कुमार, स हरविंदर सिंह, योगेश कुमार, जगतार सिंह, महल सिंह, मनजीत सिंह, नरेश कुमार, जगदीश कुमार, अनुज कुमार, बलविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
रास्तों पर कम हुआ, खेतों में भरा है पानी
पुरकाजी। पुरकाजी खादर क्षेत्र के गांवों के रास्तों पर पानी कम होने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। मगर, सोलानी नदी में पानी कम नहीं होने से ग्रामीणों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। पशु पालकों के लिए चारे की विकट समस्या बनी हुई है। गांव रामनगर, रजगल्ला पुर, शेरपुर नगला, रतनपुरी, चमरा वाला, बनारसी वाला, अलमावाला के रास्तों पर पानी आ जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है। कुछ ग्रामीण कई-कई किलोमीटर का चक्कर काटकर खेतों से पशुओं के लिए चारा ला पा रहे हैं। उधर, गांव रामनगर, रजकल्ला पुर, शेरपुर नंगला, रतनपुरी आदि के रास्ते पूरी तरह टूट चुके हैं। रास्तों पर गहरे गहरे गड्ढे बन जाने से बाइक और कार आदि वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। राजू प्रजापति, डॉ गुलशन कुमार, यादराम, बिजेंद्र कुमार, प्रमोद गुर्जर, छोटे लाल का कहना है कि करीब दो तीन किलोमीटर पैदल चलकर बमुश्किल सोलानी नदी पर खड़ी नाव तक पहुंचना पड़ रहा है।