शामली में पुलिसकर्मियों की मीटिंग लेते सीओ सिटी निशांक शर्मा।
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शामली में कैराना पलायन प्रकरण की चक्की समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घूमेगी। पलायन प्रकरण को चुनावी मुद्दा बनाकर भाजपा सांसदों की टीम छोटे कस्बों में जाएगी। वहां के हालातों से रूबरू होगी। जिन कस्बों के हालात कैराना सरीखे होंगे, वहां कार्रवाई की मांग पर मुद्दा गरमाया जाएगा।
दरअसल, कैराना पलायन प्रकरण पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट आने पर भारतीय जनता पार्टी उत्साहित है। पूर्व में जहां आंदोलन करने की चेतावनी दी जा रही थीं, वहीं अब इस मुद्दे को जागरूकता रूपी हथियार बनाया जा रहा है। केरल में भाजपा का राष्ट्रीय अधिवेशन समाप्त होने के बाद दिल्ली में भाजपा नेताओं की बैठक होगी, जिसमें पलायन प्रकरण को लेकर पश्चिमी यूपी के प्रत्येक कस्बों में भेजे जाने वाले भाजपा सांसदों की टीम गठित होगी। जाहिर है कि भाजपा इस मुद्दे को हाथ से जाने देना नहीं चाहती है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इसकी गरमाहट बनाए रखेगी।
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व मेरठ में आईजी जोन अजय आनंद से मुलाकात कर भाजपा सांसदों ने स्पष्ट कहा था कि स्थिति ठीक कराओ, नहीं तो हम खुद संभाल लेंगे। आईजी जोन ने आश्वस्त किया कि वह खुद कैराना और शामली आकर व्यापारियों के साथ बैठक करेंगे।
उधर, कैराना पुलिस आज तक भी रंगदारी मांगने के मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी है। इसको लेकर भी भाजपाइयों के साथ-साथ व्यापारियों में गुस्सा है। यह मामला भाजपा हाईकमान तक भी पहुंच चुका है।