मुजफ्फरनगर। नगरपालिका में अनुचर के पद पर कार्यरत सालिम के बलात्कार और ठगी के आरोप में जेल जाने के बाद भी न तो उसका निलंबन हुआ और न वेतन रुका। जेल में कई माह रहने के बावजूद भी उसे वेतन मिलता रहा। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने ईओ हेमराज को पत्र लिखकर इस प्रकरण में एक सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है।
चेयरपर्सन ने ईओ हेमराज को लिखे पत्र में कहा है कि सालिम का लगभग दो वर्ष पूर्व तहसील से संबद्धीकरण था। यहां उस पर बलात्कार और ठगी के गंभीर आरोप लगे, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उसे जेल भेेजा गया। लगभग तीन माह जिला जेल में रहा। नगरपालिका ने न तो इस बीच उसका निलंबन किया और न ही उसका वेतन रोका। जेल में रहने के दौरान भी नियमित उसका वेतन जाता रहा।
यह विभागीय सांठगांठ के अलावा कुछ नहीं है। इस पूरे मामले की एक सप्ताह में जांच कर वेतन भुगतान की धनराशि की वसूली कर पालिका कोष में जाम कराएं। तथ्य छिपाने तथा विभाग को गुमराह एवं भ्रमित करने के मामले में इन्हें सेवा से निलंबित करें।
आरोपी को बना दिया सुपरवाइजर
चेयरपर्सन ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि सालिम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसे कमला नेहरू वाटिका का सुपरवाइजर कैसे बना दिया गया। ईओ द्वारा जारी पत्रों में सालिम को सुपरवाइजर लिखा गया है। चेयरपर्सन ने यह भी कहा कि सालिम ईओ के कमरे में कुर्सी पर बैठता है। पद की गरिमा प्रभावित हो रही है। इस पर भी ईओ हेमराज जवाब दें।