दो लाख रुपये देने का वादा कर एक महिला को पीड़िता के नाबालिग भाई को फंसाने के लिए किया राजी
दो दिन पूर्व महिला ने किशोर को होटल में मिलने के लिए बुलाया था, लगाया था दुष्कर्म करने का आरोप
पुलिस ने जांच की तो जम्मू में तैनात आइटीबीपी के जवान की साजिश से उठा पर्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। समझौता करने के लिए दुष्कर्म पीड़िता के नाबालिग भाई को फंसाने की साजिश आइटीबीपी के जवान ने रची थी। वह अपने खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले में फैसले का दबाव बनाना चाहता था। इसलिए उसने अपनी मुंहबोली बहन और एक साथी की मदद से दो लाख रुपये में एक महिला को इसके लिए तैयार किया और किशोर को होटल में बुलाकर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की कोशिश की। पुलिस ने महिला और उसकी चचेरी बहन को हिरासत में लेकर बयान दर्ज किए। इसके बाद मुचलका पाबंद कर छोड़ दिया।
मंडी कोतवाली प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि दो दिन पहले दोपहर में एक युवती ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि उसकी शादीशुदा चचेरी बहन को तीन युवक अपहरण कर होटल में ले गए है। पुलिस होटल में पहुंची तो किशोर और महिला कमरे में मौजूद मिले। महिला ने किशोर पर तमंचे के बल पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। मगर, तलाशी में पुलिस को कमरे से तमंचा नहीं मिला। मामला संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज न कर जांच पड़ताल की। सूचना देने वाली युवती को थाने बुलाकर कर पूछताछ की तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ
कोतवाली प्रभारी के मुताबिक युवती ने बताया कि शुक्रताल क्षेेत्र निवासी सुबोध आइटीबीपी का जवान है। वह जम्मू में तैनात हैं। सुबोध ने उसे मुंहबोली बहन बनाया था। उसने एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने के लिए एक युवती तलाशने को कहा। युवती ने अपनी शादीशुदा चचेरी बहन को दो लाख रुपये देने की बात करते हुए इस काम के लिए राजी कर लिया। एक लाख मुकदमा दर्ज होने और एक लाख बाद में देने का वादा किया। सुबोध ने अपने साथी अजमेर की मुलाकात अपनी मुंहबोली बहन से कराई। इसके बाद मिस्ड कॉल कर किशोर से युवती की शादीशुदा चचेरी बहन ने बात करनी शुरू की। लगातार बात करते हुए दबाव बनाकर किशोर को होटल में मिलने के लिए बुलाया, जहां उसका शारीरिक शोषण करने की कोशिश की। इतना ही नहीं दुष्कर्म का भी आरोप लगा दिया।
इसलिए रची साजिश
कोतवाली प्रभारी के मुताबिक आइटीबीपी के जवान सुबोध पर 2019 में किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। यह मुकदमा कोर्ट में ट्रायल पर है। सजा से बचने को सुबोध ने पीड़िता के नाबालिग भाई के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रची। ताकि ट्रायल पर चल रहे मुकदमे में समझौता हो सके।
महिलाओं के बयान के आधार पर जवान को बनाया आरोपी
कोतवाली प्रभारी महावीर सिंह के मुताबिक पुलिस ने महिला और उसकी चचेरी बहन को हिरासत में लेकर बयान दर्ज किए। इसके बाद मुचलका पाबंद कर छोड़ दिया। बताया कि दोनों के बयान के आधार पर आईटीबीपी के जवान और उसके साथी को भी किशोर के भाई की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी बनाया लिया गया है। दो दिन पहले ही किशोर के भाई ने महिला के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में झूठा फंसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।