बिना रजिस्ट्रेशन के मानसिक स्वास्थ्य केंद्र चलाना गैरकानूनी
मुजफ्फरनगर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया। इस अवसर पर मनोरोगियों को लेकर विभिन्न जानकारी दी गई।
सरकुलर रोड पर रोटरी भवन में ‘मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 2017’ विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी ने बताया कि यदि कोई मनोरोगी व्यक्ति पुलिस को मिलता है, तो वह मजिस्ट्रेट के समक्ष उसे पेश करेंगे। अगर कोई बिना रजिस्ट्रेशन के मानसिक स्वास्थ्य केंद्र चलाते हैं, तो पांच हजार से पांच लाख तक का जुर्माना हो सकता है। बालिकाओं व महिलाओं के कल्याण व सुरक्षा के संबंध में अनेक अधिनियम बनाए गए हैं, लेकिन जागरूकता की कमी है। यदि कोई महिला मुकदमे की पैरवी आर्थिक स्थिति के कारण करने में असमर्थ है, तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन देने पर नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा। बीना शर्मा सदस्य जेजे बोर्ड, नीलिमा शर्मा अध्यक्ष आईडब्लूसी, ऊषा गर्ग सचिव, डॉ एमएल गर्ग, डॉ करण, अरुण गर्ग, रविंद्र सिंह, प्रभात शर्मा, सुभाष भारद्वाज एडवोकेट, निधिष राज गर्ग, अरविंद गर्ग, गीता भारद्वाज, भावना, अंजू, शिल्पी आदि उपस्थित रहे। सलोनी रस्तोगी ने बताया कि 18 अक्तूबर दिन रविवार को माइक्रो लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर व बुढ़ाना में किया जाएगा। एक नवंबर को पारिवारिक न्यायालय तथा मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण में ई-लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।