- मेरठ मेडिकल कॉलेज की टीम ने किया जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण
- टीम के आने से पहले महिला चिकित्सालय के मुख्य बोर्ड बदल दिए गए
- अस्पताल के मेन गेट और सीएमएस दफ्तर के भवन पर नया बोर्ड लगाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए जिला महिला अस्पताल पहुंची। एक तरफ टीम निरीक्षण करती रहीं और दूसरी तरफ कर्मचारी अस्पताल को चमकाते नजर आए। टीम के आने से पहले चिकित्सालय के मुख्य बोर्ड बदल दिए गए। अस्पताल के मेन गेट और सीएमएस दफ्तर के भवन पर नया बोर्ड लगा दिया है।
मंगलवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार, कम्यूनिटी मेडिसिन प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार और बागपत से डॉ. चैतन्य देव जैन निरीक्षण के लिए महिला चिकित्सालय पहुंचे। हाई रिस्क प्रेगनेंसी कक्ष, नवजात शिशु वार्ड, ओपीडी, लेबर रूम, लैब, प्रसव कक्ष (ओटी), नसबंदी, मशीनीकृत धुलाई यूनिट, रिकॉर्ड रूम (अभिलेख कक्ष), औषधि भंडार और योगा रूम सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान लैब इंचार्ज डॉ. फैजल सहित सभी वार्ड के इंचार्ज से जानकारी ली गई।
तीमारदार विश्राम स्थल का शौचालय बंद मिला
हाई रिस्क प्रेगनेंसी कक्ष की डॉक्टर से बातचीत करने के बाद टीम ने शौचालय की व्यवस्था देखी। शौचालय का गेट टूटा हुआ पाया गया, जबकि पानी भी कम मिला, जिसे तत्काल ठीक कराए जाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद तीमारदार विश्राम स्थल में पंखे लगाने, पानी की व्यवस्था और बंद पड़े शौचालय को खुलवाने सहित साफ-सफाई कराने की बात कही। टीम ने सीएमएस डॉ. आभा आत्रेय से भी अस्पताल को लेकर जानकारी ली। हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. प्रियंका टीम के साथ रही।
सीजेरियन डिलीवरी प्रकरण में होगी जांच
मेरठ मेडिकल से आए कम्यूनिटी मेडिसिन प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि सीजेरियन डिलीवरी के दौरान महिलाओं की हालत बिगड़ने और उन्हें रेफर किए जाने का प्रकरण स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में है। इस बारे में उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. आभा आत्रेय से जानकारी ली है। इस पूरे प्रकरण में जांच की जा रही है। इसके बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर इस तरह की स्थिति कैसे पैदा हुई है।
बाहर से दवाई लिखने की शिकायत की भी जांच
मेरठ मेडिकल से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वार्डों में जाकर मरीजों और तीमारदारों से बातचीत की। उन्होंने बारी-बारी मरीजों से उनकी बीमारी के बारे में पूछा और डाइट मेन्यू के बारे में भी जानकारी ली। कुछ मरीजों के तीमारदारों ने अस्पताल में आई दिक्कतों को बताया। इसके लिए संबंधित डॉक्टर को सख्त निर्देश दिए गए। बाहर से दवाई लिखने के मामले में डॉ संजीव कुमार ने कहा कि इस बारे में सीएमएस को कहा गया है कि अगर ऐसा है तो उस पर कार्रवाई कराई जाएं।
आमजन को नहीं होने देंगे परेशानी
जिला महिला अस्पताल में कायाकल्प निरीक्षण किया गया है। सभी व्यवस्थाओं को देखा गया है। जहां किसी तरह की कमी मिली है, उसे सुधारने के निर्देश दिए है। मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सीजेरियन डिलीवरी प्रकरण में जांच की जा रही है। - प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार, कम्यूनिटी मेडिसिन, मेरठ मेडिकल कॉलेज