मंसूरपुर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने इंडेंट बढ़ाने की मांग को लेकर मंसूरपुर शुगर मिल गेट पर धरना व प्रदर्शन किया। मिल गेट पर 40 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट देने का लिखित रूप में समझौता होने पर धरना समाप्त हुआ। धरना प्रदर्शन करीब तीन घंट तक चला।
भाकियू के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल फौजी के नेतृत्व में सोमवार की सुबह कार्यकर्ता व क्षेत्रीय किसान एकत्र होकर मंसूरपुर शुगर मिल गेट पर पहुंचे और वहां पर धरना देकर बैठ गए। सूचना पर शुगर मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित, गन्ना महाप्रबंधक बलधारी सिंह व फैक्ट्री मैनेजर ओंकारनाथ तिवारी धरने पर पहुंचे।
चंद्रपाल फौजी ने कहा कि मिल गेट के किसानों की कम पर्चियां जारी की जा रही हैं, जिससे किसान अपना खेत खाली नहीं कर पा रहे हैं। खेत खाली नहीं होने से किसानों की अगली फसल प्रभावित हो रही है। मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित का कहना था कि शुगर मिल अपनी पूरी क्षमता से 76 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई प्रतिदिन कर रही है। मिल पिछले वर्ष की अपेक्षा अब तक 10 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई कर चुकी है।
मिल गेट और गन्ना क्रय केंद्रों का इंडेंट समानुपातिक रूप से भेजा जा रहा है। इस पर किसानों का कहना था मिल गेट के किसानों को और अधिक इंडेंट की आवश्यकता है। इसके बाद मिल प्रबंधन ने किसानों के बीच मिल गेट पर 40 हजार कुंतल गन्ने का इंडेंट देने पर लिखित समझौता किया। इसके बाद ही धरना समाप्त हुआ।
सुनील राठी के नेतृत्व में 25 किसानों की एक संघर्ष समिति बनाई गई। संचालन विकास बालियान ने किया तथा अध्यक्षता समिति चेयरमैन अरुण बालियान ने की। भाकियू नेता संजीव राठी, इंदर भगत जी, जगपाल सिंह, जानसठ ब्लाक अध्यक्ष बिटटू ठाकुर, नवीन कुमार चौधरी, युसुफ, कासिम, पंकज राठी, राजीव तोमर, मनोज डायरेक्टर आदि धरने पर शामिल रहे।