संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि सरकार सोच रही है कि प्रदेश में रामराज चल रहा है, लेकिन यहां सबसे ज्यादा किसान दुखी है। सरकार की नीति किसानों के लिए ठीक नहीं हैं। उन्होंने छह जनवरी से कलक्ट्रेट में ही हर ब्लॉक की अलग झोपड़ी बनाने का आह्वान किया। सात जनवरी को शहर के आवारा पशुओं को नगर मजिस्ट्रेट और देहात के आवारा पशुओं को डीएम कार्यालय में छोड़ा जाएगा।
गन्ना मूल्य वृद्धि के लिए कलक्ट्रेट में चल रहा भाकियू अराजनैतिक का धरना बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि यहां के नगर मजिस्ट्रेट को इतनी भी फुर्सत नहीं है कि वह किसानों के लिए अलाव की व्यवस्था करा दें। पिछले दस सालों में चीनी सबसे महंगी हुई है। चीनी मिल मालिक शीरे को 1300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेच रहें है, खोई भी 300 रुपये के हिसाब से बिक रही है। ऐसे में केवल किसान को ही नुकसान हो रहा है।
प्रदेश का किसान सबसे ज्यादा दुखी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि यह धरना लंबा चल सकता है, इसलिए कलक्ट्रेट में ही छह जनवरी से हर ब्लॉक की अलग-अलग झोपड़ी बनाना शुरू कर दें। जिलाध्यक्ष अंकित चौधरी ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, तब तक किसान ऐसे ही डटे रहेंगे। उन्होंने आवारा पशुओं की व्यवस्था ना किए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अध्यक्षता राष्ट्रीय संगठन मंत्री उधम सिंह ने की।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष नीरज पहलवान, मंडल महासचिव विपिन त्यागी, युवा जिलाध्यक्ष अक्षय त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष बघरा नीरज मलिक, ब्लॉक अध्यक्ष सदर सुरेंद्र रावल, इकराम प्रधान, ब्लॉक अध्यक्ष अवनीश चौहान, तहसील अध्यक्ष बुढ़ाना सुधीर पहलवान, भूपेंद्र चौधरी, लोकेश, सोनू खोक्कर, दिनेश त्यागी मौजूद रहे।