- 20 सितंबर 2016 को ससुराल में विवाहिता संदिग्ध हालात में झुलस गई थी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता की जलाकर हत्या के मामले में दोषी पति को अदालत ने 12 साल कारावास की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्यों के अभाव में सास को दोषमुक्त करार दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-दो की पीठासीन अधिकारी नेहा गर्ग ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अरुण कुमार जावला ने बताया कि खतौली थाना क्षेत्र के फहीमपुर खुर्द निवासी बंटी की शादी सात फरवरी 2012 को चरथावल थाना क्षेत्र के ज्ञाना माजरा गांव निवासी धीरज के साथ हुई थी। शादी के बाद से दंपती के बीच मनमुटाव चल रहा था। 20 सितंबर 2016 को ससुराल में बंटी संदिग्ध हालात में गंभीर रूप से झुलस गई। मायके पक्ष के लोगों ने मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर 29 सितंबर को बंटी की मौत हो गई थी।
मृतका के भाई रामभूल ने दहेज के लिए जलाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा पति धीरज और सास कमलेश के खिलाफ दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-दो में हुई। साक्ष्यों के अभाव में कमलेश को दोषमुक्त करार दिया गया। जबकि दोष सिद्ध होने पर धीरज को 12 साल का कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।