घेवर और मिठाइयों की महक से झूम उठा घर आंगन
मुजफ्फरनगर/चरथावल। सावन के गीतों पर झूले की पींग बढ़ाने का नजारा शहर और गांव देहात में कई दिनों पहले नजर आने लगता था। कोरोना के खतरे से हालांकि तीज पर इस बार पहले जैसी रौनक नहीं है। लेकिन नव विवाहिताओं के लिए त्योहार खास मायने रखता है। उल्लास, उमंग और संजने संवरने के त्योहार हरियाली तीज मनाने का इंतजार नव विवाहिताएं बेसब्री से करती हैं। मायका हो या ससुराल, हर किसी में शादी के बाद पहली बार तीज त्योहार मनाने की उत्सुकता नजर आती है। घेवर और मिठाइयों की महक से घर आंगन खुशियों से सरोबार हो रहा है। महिलाएं आंगन में पड़े झूलों पर पींग बढ़ाने को आतुर है। अमर उजाला ने तीज के बहुप्रतीक्षित त्योहार पर महिलाओं के मन को टटोला:
-ब्रह्मपुरी निवासी तेजस्वनी शादी के बाद पहली बार तीज मनाएंगी। 15 जून को उनकी शादी पारस एनक्लेव निवासी दीपेंद्र के साथ हुई थी। पहला त्योहार वह मायके में मनाएंगी। सास सुनीता ने पुत्रवधू की खुशियों का पूरा इंतजाम किया है। बुधवार को हरियाली तीज पर सिंधारा भेजा जाएगा। इसे लेकर तेजस्वनी उत्साहित है।
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-चरथावल के हलवाईयान निवासी विशाल आठ नवंबर को मानसी त्यागी के साथ परिणय सूत्र में बंधे थे। मानसी के मायके से परिजन सिंधारा लेकर आए, तो घर खुशियों से झूम उठा। मानसी ने कहा कि सजने संवरने और परंपराओं के साथ पहली बार यह त्योहार ससुराल में सास, जेठानी, देवरानी के साथ मनाने को लेकर बेसब्री से इंतजार था।
- चरथावल कस्बे के कंप्यूटर इंजीनियर विकास सिंघल 27 जून को मुजफ्फरनगर निवासी पल्लवी के साथ शादी के बंधन में बंधे थे। उनकी माता कविता सिंघल बताती हैं कि बच्चों की खुशियों को लेकर परिवार में खासा उत्साह है। हरियाली तीज को पल्लवी के साथ उसके मायके में धूम धड़ाके से मनाएंगे।
-छिमाऊ गांव के मोहित बजरंगी की शादी करनाल जिले के गांव राढ़ा निवासी प्रियंका के साथ 11 मार्च को हुई है। उसके भाई रवि भी इसी दिन प्रीति के साथ विवाह बंधान में बंधे। दोनों बहुओं की पहली तीज को लेकर परिवार में उल्लास है। प्रियंका कहती हैं कि मायके से शगुन स्वरूप जोड़े, साड़ी, घेवर और मिठाइयां ससुराल आ गया है। गांव की विवाहिताओं के साथ सावन की मस्ती का लुत्फ ससुराल में उठाएंगी।
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वर्जन
चरथावल निवासी विजेंद्र त्यागी की जीवनसंगिनी राजदुलारी ने कहा कि परिवार में नवविवाहिता की मौजूदगी में तीज की खुशियों में चार चांद लगते हैं। आंगन में झूला तैयार है। नई नवेली मानसी के हाथों पर रची मेहंदी और सावन गीतों पर झूले की मस्ती से घर आंगन महकेगा। वहीं छिमाऊ निवासी गीता देवी ने कहा कि शाम को सभी विवाहिताओं और युवतियों के गांव के बाहर जाकर बाग में झूला झूलने की पुरानी पंरपरा है। गांव में सावन आया नया रंग लाया, मेरे मन में उठी हिलोर अब कौन बजाए बासुंरियां,..आदि गीतों की गूंज और राधा-कृष्ण की झांकियों से मनोरम दृश्य लालायित करता है।
मानसी त्यागी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR