फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...हिंदी हम पर नाज करे हम हिंदी पर नाज करें

विज्ञापन
विज्ञापन
...हिंदी हम पर नाज करे हम हिंदी पर नाज करें
विज्ञापन

देवबंद। हिंदी दिवस पखवाड़े के समापन समारोह के अवसर पर साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था साहित्य समागम ने काव्य गोष्ठी का आयोजन किया।
बुधवार को मोहल्ला लाल मस्जिद स्थित कार्यालय पर आयोजित काव्य गोष्ठी में डॉ. शमीम देवबंदी ने कहा..आओ मिलकर हिंदी की ऐसी हम आवाज करें, हिंदी हम पर नाज करे हम हिंदी पर नाज करें। चांद देवबंदी ने कुछ यूं कहा..दोनों का सम्मान बराबर दोनों जान से प्यारी, एक आंख है उर्दू मेरी एक आंख है हिंदी। पुष्पेंद्र कुमार ने पढ़ा..हिंदी देश के माथे की बिंदी, सरल सुहानी भाषा हिंदी। डॉ. सादिक देवबंदी ने कहा..कहत गए विद्वान ये, हिंदी उर्दू भाषा एक, साहित्य की दोनों बहनें दोनों का संदेशा एक। मुनीब अंसारी ने पढ़ा..सारी रस्म अदा हो गई, फिर साल भर के लिए हिंदी बेचारी विदा हो गई। अब्दुल समी ने कुछ यूं कहा..हिंदी दिवस है आया-हिंदी दिवस है आया, हिंदी दिवस की महिमा को अंग्रेजी में गाया सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इनके अलावा चांद अंसारी, चौधरी मोहसिन, रमीज अंसारी ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। अध्यक्षता डॉ. शमीम व संचालन डॉ. सादिक अली ने किया। इस मौके पर डॉ. एसए अजीज, शफाअत, मो. अजीम, फैसल नूर, सलीम अंसारी, नवेद, सलमान, साजिद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें